Chaibasa News : मांगें पूरी नहीं हुईं, तो 20 अप्रैल से होगा बेमियादी चक्का जाम : मधु कोड़ा

भूख हड़ताल के 48 घंटे बाद भी वार्ता के लिए नहीं आया कोई अधिकारी

गुवा.

सेल प्रबंधन की नीतियों के खिलाफ 12 गांवों के ग्रामीणों का आंदोलन उग्र होता जा रहा है. 72 घंटे की भूख हड़ताल में शामिल होने पहुंचे पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा ने कहा कि यदि स्थानीय 500 ग्रामीणों की बहाली नहीं की गयी, तो 20 अप्रैल से अनिश्चितकालीन चक्का जाम किया जायेगा. उन्होंने चेतावनी दी कि इस दौरान सेल का उत्पादन और डिस्पैच पूरी तरह ठप कर दिया जायेगा.

खदानों से निकलने वाले लाल पानी ने खेत हो रहे बंजर :

मधु कोड़ा ने सेल प्रबंधन पर आरोप लगाया कि कंपनी ग्रामीणों को गुमराह कर उनकी जमीन पर खनन तो कर रही है, लेकिन उन्हें उनके अधिकारों से वंचित रखा जा रहा है. ग्रामीणों का आरोप है कि स्थानीय शिक्षित युवाओं को छोड़कर बाहरी लोगों को नौकरियां दी जा रही हैं. ठेकेदार भी बाहर से मजदूर लाकर काम करा रहे हैं, जिससे स्थानीय युवाओं को पलायन करना पड़ रहा है. खदानों से निकलने वाले लाल पानी ने उपजाऊ खेतों को बंजर बना दिया है. कारो नदी का पानी जहरीला हो रहा है.

आंदोलन और तेज होगा : मुंडा सिंगा सुरीन

कासिया पेचा के मुंडा सिंगा सुरीन ने बताया कि खनन के कारण प्राकृतिक झरने बंद हो गए हैं, जिससे ग्रामीण अब नदी किनारे चुआं खोदकर पानी पीने को मजबूर हैं. मुंडा-मानकी के नेतृत्व में चल रहे इस भूख हड़ताल को 48 घंटे से अधिक का समय बीत चुका है, लेकिन अब तक सेल प्रबंधन या जिला प्रशासन का कोई अधिकारी वार्ता के लिए नहीं पहुंचा है. आंदोलनकारियों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि धरना स्थल पर पीने के पानी तक की व्यवस्था नहीं की गयी है.

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By ATUL PATHAK

ATUL PATHAK is a contributor at Prabhat Khabar.

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