चाईबासा.
भारत रत्न डॉ मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया की जयंती पर सोमवार को जिला परिषद सभागार में अभियंत्रण सेवा समन्वय समिति के बैनर तले राष्ट्रीय इंजीनियर दिवस मनाया गया. इसमें मुख्य अतिथि के रूप में सेवानिवृत्त अधीक्षण अभियंता गुणाधर संतरा शामिल हुए. कार्यक्रम में अभियंताओं द्वारा भारत रत्न डाॅ मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया की तस्वीर पर पुष्प अर्पित कर पुष्पांजलि दी. इस मौके पर वक्ताओं ने महान इंजीनियर डाॅ मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया की जीवनी पर प्रकाश डाला. अभियंताओं ने डाॅ विश्वेश्वरैया के पदचिह्नों पर चलते हुए संघ से जुड़कर एक दूसरे का साथ देने की शपथ ली. साथ ही एक स्वर में कहा कि इंजीनियर की सफलता मेहनत और समर्पण से मिलती है. मेहनत से ही तकनीकी चमत्कार संभव है. इंजीनियर का काम समस्याओं को समझना एवं उसका स्थाई समाधान ढूंढना है. इंजीनियर वह है, जो कल्पना को वास्तविकता में बदलता है. इंजीनियर की सोच हमेशा आगे की होनी चाहिए. कार्यक्रम में अभियंता संघ की ओर से सेवानिवृत्त इंजीनियर रणविजय सिंह, दारोगा प्रसाद मुंडा, पार्थ सतपथी, विजय सिंह, प्रकाश उरांव एवं विभिन्न विभागों के कनीय अभियंता एवं सहायक अभियंता शामिल हुए.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
