चाईबासा.
झारखंड उच्च न्यायालय के न्यायाधीश न्यायामूर्ति सह कोल्हान निरीक्षण प्रभारी दीपक रोशन एवं जस्टिस आनंद सेन शनिवार को सुबह 10 बजे व्यवहार न्यायालय चाईबासा पहुंचे. न्यायाधीशों का प्रधान जिला जज मो शाकिर ने स्वागत किया. न्यायमूर्ति दीपक रोशन ने व्यवहार न्यायालय परिसर का निरीक्षण किया. इसके बाद उन्होंने 4 करोड़ 96 लाख 22 हजार की लागत से बनने वाले नए बार भवन का स्थल निरीक्षण भी किया. उन्होंने अधिवक्ताओं की बैठने की सुविधा सुनिश्चित करने के लिए बार भवन के बाहर खाली जगहों पर शेड का निर्माण कराने के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि नए बार भवन के निर्माण तक अधिवक्ता शेड में बैठकर अपना न्यायिक कार्य जारी रखेंगे. इस अवसर पर बार एसोसिएशन के अध्यक्ष रामेश्वर प्रसाद, उपाध्यक्ष कैशर परवेज, महासचिव फादर अगस्तीन कुल्लू, पूर्व अध्यक्ष आशीष कुमार सिन्हा, कोषाध्यक्ष दुर्योधन गोप, राजेश सांडिल सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता उपस्थित थे.न्यायमूर्ति आनंद सेन ने बार भवन पहुंचकर यादें ताजा कीं
हाई कोर्ट के न्यायाधीश आनंद सेन जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कार्यालय पहुंचे और डालसा सचिव रवि चौधरी से डालसा द्वारा किये जा रहे कार्यों की जानकारी ली. इसके बाद वे बार भवन पहुंचे, जहां उन्होंने अपनी वकालत की शुरुआत की थी. पुराने और जर्जर बार भवन को देखकर वे भावुक हो गए. उन्होंने बताया कि यहीं से उनके वकालत करियर की शुरुआत हुई थी. उन्होंने उस स्थान को भी देखा जहां वे अपने अधिवक्ता पिता कानू सेन के साथ बैठते थे. न्यायाधीश आनंद सेन ने बार के वरिष्ठ अधिवक्ताओं से मुलाकात कर उनकी गतिविधियों की जानकारी ली और पुरानी यादें साझा कीं. अधिवक्ताओं ने उनका गुलदस्ता देकर स्वागत किया. उन्होंने कहा कि नया बार भवन बनने वाला है और यदि अधिवक्ताओं के बैठने की जगह कम पड़े तो खाली जगहों पर शेड लगाकर अतिरिक्त व्यवस्था की जा सकती है. इस अवसर पर उपायुक्त चंदन कुमार, स्टेट बार काउंसिल के सदस्य अनिल कुमार महतो, वरिष्ठ अधिवक्ता निरंजन प्रसाद साव, पवन शर्मा, अंकुर चौधरी, अमर बक्शी, किशोर कुमार सिन्हा सहित बार के वरिष्ठ और जूनियर अधिवक्ता उपस्थित थे.
डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
