Chaibasa News : सुबह खड़पोस में दिखा हाथी, साढ़े आठ घंटे तक खोजती रही टीम,नहीं मिली सफलता

पश्चिमी सिंहभूम. 40 कर्मियों की टीम खड़पोस-पोनडुवाबुरु क्रशर के समीप जमी रही

मझगांव/जगन्नाथपुर.

पश्चिमी सिंहभूम जिले में बीते 9-10 दिनों में 20 ग्रामीणों की जान लेने वाला हाथी को ट्रैक करने में शनिवार को भी वन विभाग को सफलता नहीं मिली. शुक्रवार की रात हाथी ओडिशा सीमा क्षेत्र के जंगल में चला गया था. देर शाम को तिलैयाबांध के समीप तालाब में पानी पीकर जंगल की ओर चला गया था. रात लगभग 08:00 बजे ओडिशा सीमा क्षेत्र के ररुवां जंगल में हाथी को देखा गया. ग्रामीणों अनुसार, शनिवार अहले सुबह खड़पोस-पोनडुवाबुरु क्रशर के समीप हाथी को देखने की सूचना वन विभाग को मिली. चाईबासा वन प्रमंडल के डीएफओ आदित्य नारायण अपनी टीम के साथ शनिवार सुबह लगभग 09:00 बजे मझगांव प्रखंड के खड़पोस क्रशर के समीप पहुंचे. वन विभाग की टीम ने हाथी को खोजने के लिए ड्रोन कैमरा व अन्य की मदद ली. सुबह 9:00 से शाम के 5:30 बजे तक हाथी की कोई जानकारी नहीं मिल पायी. मझगांव पुलिस व वन विभाग टीम के अधिकारी मिलाकर कुल 40 कर्मियों की टीम खड़पोस-पोनडुवाबुरु क्रशर समीप रुकी है.

टीम अलग-अलग हिस्सों में तैनात : डीएफओ

चाईबासा डीएफओ आदित्य नारायण ने बताया कि शुक्रवार को तिलोकुटी क्षेत्र में हाथी को काबू में करने के लिए काफी प्रयास किये गये. शाम होने के कारण ओडिशा की ओर निकल गया. शनिवार सुबह हाथी की सूचना मिलते ही खड़पोस स्थित क्रशर के समीप टीम पहुंची. खोज अभियान शुरू किया, अभी तक हाथी नजर नहीं आया है. टीम को क्षेत्र के अलग-अलग हिस्सों में तैनात किया गया है. जैसे ही हाथी का पता चलेगा, उसे काबू में लेने की कार्रवाई की जाएगी. आम लोगों से अपील है कि कहीं हाथी दिखाई दे, तो तुरंत वन विभाग या प्रशासनिक टीम को सूचना दें और खुद सुरक्षित दूरी बनाए रखें.

दहशत में ग्रामीण, घर छोड़ कहीं और ली शरण

उक्त हाथी को सुरक्षित जंगल में नहीं खदेड़े जाने से क्षेत्र के ग्रामीण दहशत में है. लोग अपना घर-द्वार छोड़कर दूसरे के यहां सुरक्षित रहने के लिए शरण लिए हुए हैं. ज्ञात हो कि मझगांव प्रखंड की खड़पोस पंचायत अंतर्गत तिलोकुटी गांव में शुक्रवार को हाथी ने तीन लोगों की जान ली थी. जान गंवाने वालों में घोडाबंधा पंचायत अंतर्गत हल्दिया गांव निवासी दामोदर कुल्ड़ी, बेनीसागर निवासी प्रकाश दास व पश्चिम बंगाल के बांकुड़ा जिले के सुखलाल बेसरा शामिल रहे.

गांव में छाया मातम, शवों का अंतिम संस्कार हुआ

दूसरी ओर हाथी द्वारा मारे गये प्रकाश दास और दामोदर कुल्ड़ी के शव पोस्टमार्टम के बाद घर लाये गये. शव पहुंचते ही दोनों गांव में चीख पुकार मच गयी. हल्दिया और बेनीसागर गांव में मातम छाया हुआ है. गांव के लोग वन विभाग के प्रति आक्रोश है. हाटगम्हरिया वन क्षेत्र के रेंजर जितेंद्र प्रसाद सिंह ने कहा कि तीनों मृतकों के परिजनों को 20-20 हजार रुपये दाह संस्कार के लिए दिये गये है. कागजी प्रक्रिया पूरी कर मुआवजा राशि जल्द दी जायेगी.रेस्क्यू टीम में सारंडा डीएफओ अनुरूप सिन्हा, चाईबासा डीएफओ आदित्य नारायण, जमशेदपुर कंजरवेटिव सबहा अंसारी, मझगांव अंचल अधिकारी विजय हेमराज खालको, मझगांव थाना प्रभारी धीरज कुमार यादव, पदाधिकारी व पश्चिम बंगाल के एक्सपर्ट टीम आदि मौजूद थे.

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Author: AKASH

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