Chaibasa News : 13 वर्षीय जयपाल के सामने हाथी ने माता-पिता व भाई-बहन को मार डाला

पश्चिमी सिंहभूम. एक सप्ताह में हाथी ने आधा दर्जन परिवार को उजाड़ा

By AKASH | January 7, 2026 11:52 PM

जगन्नाथपुर/नोवामुंडी .

पश्चिमी सिंहभूम जिले में बीते एक सप्ताह में एक हाथी ने करीब आधा दर्जन हंसते-खलते परिवार को उजाड़ दिया है. गांवों में मातम पसरा हुआ है. वन विभाग के खिलाफ आक्रोश बढ़ रहा है. विभाग समस्या का समाधान नहीं निकाल पा रहा है. मंगलवार की रात उक्त हाथी ने नोवामुंडी प्रखंड के बावड़िया गांव में एक परिवार के चार सदस्यों (पति, पत्नी, बेटा व बेटी) को मार डाला. घटना में दो बच्चे 13 वर्षीय जयपाल और सुशीला (घायल है) बच गये, जो अनाथ हो गये हैं. घटना ने गांव वालों को झकझोर दिया है. मंगलवार की रात मौत का मंजर देखने वाला जयपाल अब भी डरा सहमा है. मृतक सनातन मेराल के पुत्र जयपाल घटना का चश्मदीद है. उसने बताया जब विशालकाय हाथी ने अचानक हमला किया, तो घर में चीख-पुकार मच गयी. हाथी से जान बचाने के लिए पूरा परिवार अलग-अलग दिशाओं में भागने लगा. जयपाल ने सूझबूझ दिखाते हुए एक ऊंचे पेड़ पर चढ़ गये.

आंखों के सामने खत्म हो गया संसार

पेड़ पर बैठे जयपाल ने अपनी आंखों से माता-पिता, एक भाई और एक बहन को हाथी का शिकार होते देखा. हाथी ने चारों को बुरी तरह कुचल दिया. इससे मौके पर उनकी दर्दनाक मौत हो गयी.

लहूलुहान हालत में पेड़ के पीछे छिप बहन ने बचायी जान

जयपाल की बहन सुशीला मेराल को भी हाथी ने पैर से रौंद दिया. वह गंभीर रूप से घायल हो गयी. साहस का परिचय देते हुए वह लहूलुहान हालत में घसीटते हुए एक पेड़ के पीछे छिप गयी. इसी बहादुरी के कारण जयपाल और सुशीला की जान बच सकी. उन्होंने अपने परिवार के चार सदस्यों को हमेशा के लिए खो दिया.

ग्रामीण बोले- हाथी के मूवमेंट की जानकारी नहीं दी गयी थी

अब इस परिवार में केवल दो सदस्य जीवित बचे हैं. घटना के बाद से पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल है. ग्रामीणों में वन विभाग के प्रति भारी आक्रोश है. ग्रामीणों का कहना है कि हाथियों के मूवमेंट को लेकर कोई पुख्ता जानकारी या सुरक्षा की व्यवस्था नहीं की गयी थी.

अनाथ बच्चों के भरण-पोषण व शिक्षा की चिंता

पल भर में सनातन मेराल का परिवार खत्म हो गया. एक कमरे के कच्चे मकान में रहने वाले सनातन का परिवार काफी गरीब है. उसके दो बच्चों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है. उनके भरण पोषण की चिंता है. सनातन मेहनत-मजदूरी और छोटी सी खेती के सहारे किसी तरह अपने बड़े परिवार चला रहे थे. ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि पीड़ित परिवार को तत्काल मुआवजा दिया जाये. बच्चों की शिक्षा व भरण-पोषण की सरकारी जिम्मेदारी तय करे.

फुटबॉलर था मंगल बोबोंगा

हाथी हमले में मारे गये मंगल बोबोंगा गरीब परिवार से थे. वह फुटबॉल खिलाड़ी थे. वन विभाग के रेंजर जितेंद्र प्रसाद सिंह से बात करने पर उन्होंने बताया कि हाटगम्हरिया के सियाजो में अपने टीम के साथ हाथी का ट्रेकिंग कर रहे हैं.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है