Chaibasa News : शिक्षा विभाग का निर्णय समाज के लिए घातक : सुहागी

शिक्षा विभाग का निर्देश : 75 फीसद से कम उपस्थिति पर मैट्रिक परीक्षा से होंगे वंचित

सोनुआ

. जिले के करीब 10 हजार बच्चे वर्ष 2026 में मैट्रिक परीक्षा नहीं दे पायेंगे. इसमें सोनुआ, गोइलकेरा व गुदड़ी प्रखंड के करीब ढाई हजार बच्चे शामिल हैं. इसे लेकर सोनुआ प्रखंड कार्यालय में गुरुवार को बाल अधिकार मंच की बैठक हुई. बैठक में इस समस्या पर चर्चा की गयी. मंच के प्रखंड अध्यक्ष सह पोड़ाहाट पीढ़ के मानकी मदन मोहन सुंडी ने कहा कि यह शिक्षा विभाग की नाकामियों को दर्शाता है. यह उन बच्चों के साथ घोर अन्याय भी है. सोनुआ की जिप सदस्य सुहागी मुर्मू ने कहा कि मैट्रिक परीक्षा देने से वंचित होने वाले बच्चों में ज्यादातर लड़कियां हैं. परीक्षा नहीं देने से उनकी पढ़ाई छूट भी सकती है. सरकार जहां शिक्षा को हर घर तक पहुंचाने के लिए कई योजनाएं चला रही है. वैसे में शिक्षा विभाग के इस तरह के निर्णय समाज के लिए घातक साबित हो सकता है.

जानकारी के मुताबिक शिक्षा विभाग द्वारा जारी नियम के मुताबिक जो छात्र या छात्रा की दसवीं कक्षा में 75 प्रतिशत से कम उपस्थिति है, उन्हें मैट्रिक परीक्षा के फॉर्म भरने नहीं दिया गया. इसके अलावा दसवीं में छात्र-छात्राओं के लिए एक टेस्ट परीक्षा का आयोजन किया गया था. उसमें फेल होने वाले छात्र-छात्राओं को भी परीक्षा फॉर्म भरने से वंचित रखा जा रहा है. बैठक में इस समस्या पर विस्तारपूर्वक चर्चा की गयी. मंच द्वारा इस समस्या के समाधान के लिए डीइओ से मुलाकात करने का निर्णय लिया गया. बैठक में जिला परिषद सदस्य जगदीश नायक, सुहागी मुर्मू, उप प्रमुख रचना प्रधान, मुखिया डॉ दिनेश चंद्र बोयपाई, संजीव कांडेयांग, जोसेफ मुर्मू समेत सोनुआ, गोइलकेरा व गुदड़ी प्रखंड की कई पंचायतों के मुखिया शामिल हुए.

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Author: AKASH

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