पश्चिमी सिंहभूम के स्कूलों में होने जा रहा है बड़ा बदलाव, कल मनेगा 'तिथि भोज' का जश्न, जान ले यह नये नियम

चाईबासा के उपायुक्त ने सरकारी स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के साथ-साथ बच्चों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का निर्देश दिया है. जर्जर भवनों में पढ़ाई पर रोक, 75% उपस्थिति सुनिश्चित करने और सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ जागरूकता अभियान चलाए जाएंगे.

चाईबासा: जिले के सरकारी स्कूलों में अब सिर्फ किताबी ज्ञान ही नहीं, बल्कि बच्चों की संपूर्ण प्रगति पर प्रशासनिक नजर रहेगी. उपायुक्त मनीष कुमार ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शिक्षा विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की. इस दौरान उन्होंने साफ कर दिया कि स्कूलों में शैक्षणिक गुणवत्ता सुधारने के साथ-साथ बच्चों की सुरक्षा और स्वास्थ्य उनकी सबसे बड़ी प्राथमिकता होगी. बैठक में डीईओ, डीएसई, बीईईओ, बीआरसी-सीआरसी समन्वयक और तमाम शिक्षक मौजूद रहे.

जर्जर भवनों में पढ़ाई पर पूरी तरह रोक

समीक्षा बैठक के दौरान उपायुक्त ने कड़ा रुख अपनाते हुए निर्देश दिया कि बच्चों की सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा. जिले के किसी भी जर्जर या असुरक्षित स्कूली भवन में कक्षाएं संचालित नहीं होंगी. इसके साथ ही विद्यालयों में जरूरी आधारभूत बुनियादी सुविधाएं दुरुस्त करने को कहा गया. शैक्षणिक स्तर को मजबूत करने के लिए 'परख परीक्षा' और 'परख ओलंपियाड' के जरिए छात्रों की तैयारी कराने पर जोर दिया गया, ताकि कमजोर बच्चों को अतिरिक्त शैक्षणिक सहयोग मिल सके.

75% उपस्थिति के लिए अभिभावकों से संवाद

विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए 'बात तो करनी होगी' पहल को प्रभावी बनाने के निर्देश दिए गए हैं, जिसके तहत शिक्षकों को अभिभावकों से लगातार संवाद करना होगा ताकि छात्र 75 प्रतिशत अनिवार्य उपस्थिति बनाए रखें. वहीं, जिले के सभी सरकारी स्कूलों में कल यानी 21 सितंबर को 'तिथि भोज-सह-जन्मोत्सव' का भव्य आयोजन होगा, जिससे बच्चों में आपसी सहयोग और सामूहिकता की भावना विकसित हो सके.

स्कूलों में लगेगा शुगर बोर्ड

बच्चों को किताबी दुनिया के साथ सामाजिक सरोकारों से जोड़ने के लिए अनोखी पहल की गई है. 'बोलेगा सिंहभूम' अभियान के तहत छात्र डायन-बिसाही, नशा और अन्य सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ जागरूकता की आवाज बनेंगे. इसके अलावा, राष्ट्रीय पोषण माह के तहत हर स्कूल में 'शुगर बोर्ड' लगाया जाएगा, जिसमें बच्चों को अधिक चीनी, नमक, मैदा और तेल के नुकसान बताए जाएंगे. साथ ही 1 अक्टूबर को राष्ट्रीय स्वैच्छिक रक्तदान दिवस पर विशेष शिविर लगेंगे.

'खेलो झारखंड' से चमकेगी प्रतिभा

खेलकूद को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 'खेलो झारखंड' और विद्यालय स्तरीय खेल महोत्सव की तैयारियों की भी समीक्षा की गई. डीसी ने प्रतिभावान खिलाड़ियों की पहचान कर उन्हें आगे बढ़ाने के निर्देश दिए. साथ ही, बच्चों के भविष्य को सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए स्कूलों में आधार नामांकन और 'अपार आईडी' (APAAR ID) बनाने की प्रक्रिया में तेजी लाने का कड़ा निर्देश दिया गया है.

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By Anil Ranjan

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