Chaibasa News : न्यूनतम वेतन, 10 लाख का बीमा और पेंशन स्कीम की उठायी मांग

जब तक मांगें पूरी नहीं होंगी हड़ताल जारी रहेगी : रसोइया संघ

मझगांव. अपनी लंबित मांगों और मानदेय में वृद्धि को लेकर मझगांव, कुमारडुंगी, मंझारी और हाटगम्हरिया प्रखंड की रसोइयों व संयोजिकाओं ने बुधवार को आर-पार की लड़ाई का बिगुल फूंक दिया. जिला संघ अध्यक्ष जानकी पिंगुवा के नेतृत्व में सैकड़ों महिलाओं ने पीएमश्री प्लस टू उच्च विद्यालय के समक्ष जोरदार धरना-प्रदर्शन किया.

बीइइओ ने प्रदर्शनकारियों से मुलाकात की :

हड़ताल की गंभीरता को देखते हुए प्रभारी बीइइओ राजेश पासवान ने प्रदर्शनकारियों से मुलाकात की. रसोइयों ने उन्हें अपनी समस्याओं से अवगत कराया. इस पर बीइइओ ने आश्वासन दिया कि उनकी मांगों को राज्य सरकार और जिला प्रशासन तक पहुंचा दिया जायेगा. हालांकि, रसोइयों ने स्पष्ट कर दिया है कि बिना ठोस आदेश के वे काम पर नहीं लौटेंगी. इस प्रदर्शन में फुलमती पिंगुवा, सुमति तिरिया व सुकरमणी चातार, कुमारडुंगी से निर्मला सिंकु व अन्नाय सोय, मंझारी से सुमित्रा बिरुवा और हाटगम्हरिया से मीता सिंकु सहित दर्जनों रसोइयां उपस्थित थीं.

रसोइयों की सात प्रमुख मांगें

प्रदर्शनकारी रसोइयों ने सरकार के समक्ष अपनी सात प्रमुख मांगें रखी हैं. इसमें सभी रसोइयों और संयोजिकाओं को सम्मानजनक न्यूनतम वेतन लागू किया जाये. साल 2021 के बाद से बकाया एप्रन, कैप और साल में दो सेट साड़ी उपलब्ध करायी जाये. जब तक स्थायी नियमावली नहीं बनती, तब तक 60 वर्ष की उम्र की बाध्यता खत्म हो. यदि कोई रसोइया कार्यमुक्त होती है, तो उसके परिवार के सदस्य को नौकरी में प्राथमिकता दी जाये. काम के दौरान दुर्घटना या मृत्यु होने पर 10 लाख रुपये का निःशुल्क बीमा और आश्रितों को आर्थिक सहायता मिले. सभी रसोइयों को पेंशन स्कीम, ईपीएफ और ग्रेच्युटी का लाभ दिया जाए. विद्यालय अध्यक्षों और संयोजिकाओं को भी रसोइयों की तर्ज पर मानदेय से जोड़ा जाये. अपनी मांगों के समर्थन में ये रसोइयां 18 फरवरी से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं. इस कारण कई विद्यालयों में मध्याह्न भोजन योजना पूरी तरह चरमरा गई है. प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि कि जब तक राज्य स्तर पर ठोस निर्णय नहीं होता, हड़ताल जारी रहेगी. पुरानी रसोइयों को हटाकर नई बहाली करना उनके साथ अन्याय होगा.

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By ATUL PATHAK

ATUL PATHAK is a contributor at Prabhat Khabar.

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