Chaibasa News : मंत्री व विधायक के आदेश के बाद भी ठेका मजदूरों को नहीं मिला काम

चिरिया. सेल गेट पर मजदूरों ने किया विरोध-प्रदर्शन, कहा: टूट रहा सब्र का बांध

मनोहरपुर.

मंत्री दीपक बिरुवा और विधायक जगत माझी के आदेश के बाद भी ठेका कंपनी एनएसआइपीएल ने छंटनीग्रस्त 245 मजदूरों को बुधवार को काम नहीं दिया. मंत्री के आदेश पर बुधवार की सुबह छह बजे से ही मजदूर ठेका कंपनी के कार्यालय में अपनी हाजिरी बनाने पहुंच गये. वहां हाजिरी बनाने वाला कोई भी नहीं मिला. मजदूर निराश होकर कर सेल कार्यालय गेट सामने आकर बैठ गये.

ठेका कंपनी और सेल प्रबंधन के विरुद्ध नारेबाजी शुरू कर दी. मंत्री दीपक बिरुवा ने मंगलवार को ठेका कंपनी एनएसआइपीएल को मजदूरों को काम पर रखने का आदेश दिया था, पर ठेका कंपनी ने इस आदेश को नकार दिया. इससे पहले विधायक जगत माझी ने भी 1 जनवरी से मजदूरों को काम देने का आदेश दिया, पर उस दिन भी मजदूरों को निराशा हाथ लगी. अब ठेका मजदूर सात दिनों के लिए दिये गये अल्टीमेटम का इंतजार कर रहे हैं. आठवें दिन से परिवार के साथ धरना पर बैठेंगे.

अल्टीमेटम तक मजदूरों को काम नहीं मिला, तो होगा उग्र आंदोलन : रामा पांडे

मजदूर नेता रामा पांडे ने बताया कि मंत्री को इसकी जानकारी दे दी गयी है. उनके आदेश के बाद भी मजदूरों को काम नहीं दिया गया. ठेका कंपनी सरकार को चुनौती देने का काम कर रही है. अल्टीमेटम की तिथि तक मजदूरों को काम पर नहीं बुलाया गया, तो उग्र आंदोलन होगा. मजदूरों का सब्र का बांध टूट रहा है.

मजदूरों की समस्या को गंभीरता से ले सरकार

मंत्री व विधायक को मामले की जानकारी दे दी गयी है. मंत्री से ठेका कंपनी ने काम पर रखने के लिए आश्वासन दिया था, पर जब हमलोग कंपनी पहुंचे, तो वहां कोई नहीं मिला. बेरोजगारी की वजह से बच्चों की पढ़ाई छूट गयी है.-

लाल समद

मंत्री के आदेश के बाद हमलोग परिवार सहित बहुत खुश थे. लगा कि पहले की तरह हमलोग काम करेंगे. दुकान के कर्जे को चुका देंगे. मगर सबकुछ उल्टा हो गया. सरकार हम मजदूरों की समस्या को गंभीरता से ले

. – पोरमा दास,

मजदूरघर के सामानों को बेचने की नौबत आ गयी है. भला हो दुकानदारों का जो राशन उधार में दे रहे हैं. मगर बाहरी खर्च बढ़ गया है. पैसों की कमी के कारण घर में क्लेश होने लगा है. सरकार से आग्रह है कि हमलोगों की दुर्दशा पर ध्यान दे. मजदूरों को काम दिलाये. –

बुद्धदेव कुजूर

, मजदूरचार माह से हमलोग काम के लिए इधर-उधर भटक रहे हैं. कभी डीसी ऑफिस तो कभी विधायक के पास,तो कभी मंत्री के घर. मंत्री, विधायक और यूनियन का साथ भी मिल रहा है, पर चूक कहां से हो रही है यह समझ में नहीं आ रहा है. अब आंदोलन की एकमात्र रास्ता है. –

रेंगा भेंगरा

, मजदूरसरकार के आदेश का बार-बार अवहेलना हो रही है. एग्रीमेंट की धज्जियां उड़ायी जा रही है. अब मंत्री, सांसद और विधायक के आदेश को भी दरकिनार किया जा रहा है. परिवार के सामने शर्मसार होना पड़ रहा है. टुसू पर्व भी नजदीक है. –

घनश्याम धनपटिया

, मजदूर

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Author: AKASH

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