Chaibasa News : स्थानीय मजदूरों को काम देने की मांग पर यूनियन का प्रदर्शन

एसडीओ कार्यालय. कामगार को नहीं मिल रही न्यूनतम मजदूरी, पीएफ का लाभ नहीं

चाईबासा. झारखंड जेनरल कामगार यूनियन के बैनर तले मंगलवार को मजदूरों ने एसडीओ कार्यालय के सामने स्थानीय मजदूरों को काम देने, न्यूनतम मजदूरी लागू करने और अन्य मजदूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग को लेकर नंग-धड़ंग धरना-प्रदर्शन किया. यूनियन के जिला अध्यक्ष मानसिंह तिरिया ने कहा कि पश्चिमी सिंहभूम जिले में गरीब, मजदूर और किसानों की स्थिति बेहद दयनीय है. जिले में बड़ी कंपनियां होने के बावजूद स्थानीय मजदूरों को रोजगार नहीं मिल रहा है. उन्होंने आरोप लगाया कि काम मांगने पर ठेकेदारों द्वारा 20 से 25 हजार रुपये तक की मांग की जाती है, फिर भी काम की कोई गारंटी नहीं रहती.

बाहरी मजदूरों से लिया जा रहा काम, स्थानीय पलायन को विवश:

उन्होंने कहा कि सरकारी योजनाओं के तहत पुल, सड़क और भवन निर्माण कार्यों में बाहरी मजदूरों से काम लेकर घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया जा रहा है, जिससे संवेदक अधिक मुनाफा कमाते हैं. इस वजह से स्थानीय लोग पलायन कर रहे हैं. तिरिया ने उदाहरण देते हुए कहा कि हाटगम्हरिया प्रखंड के केंदपोसी में निर्माणाधीन डिग्री कॉलेज में स्थानीय मजदूरों को काम नहीं दिया जा रहा है और मात्र 300 रुपये प्रतिदिन की मजदूरी दी जा रही है. वहीं, सदर प्रखंड के उलीझारी स्थित मेडिकल कॉलेज निर्माण कार्य में मजदूरों को पीएफ का लाभ नहीं देने का आरोप लगाया.

उपायुक्त को सौंपा सात सूत्री मांगपत्र

धरना के बाद यूनियन के एक प्रतिनिधिमंडल ने उपायुक्त को सात सूत्री मांगपत्र सौंपा. इसमें बाहर के मजदूरों के स्थान पर स्थानीय लोगों को काम में प्राथमिकता देने, न्यूनतम मजदूरी लागू करने, निर्माण कार्यों में कार्यरत मजदूरों को पीएफ सुविधा देने, बेरोजगारों को रोजगार उपलब्ध कराने और सभी सरकारी योजनाओं के कार्यस्थलों पर सूचना बोर्ड लगाने की मांगें शामिल हैं. धरना में जिले के विभिन्न प्रखंडों से भारी संख्या में मजदूर शामिल हुए.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: ATUL PATHAK

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >