गुवा.
केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआइएसएफ) ने 11 सितंबर को आदित्य बिड़ला एजुकेशन ट्रस्ट (एबीइटी) की पहल ‘इम्पावर’ के साथ अपने समझौते (एमओयू) को तीन वर्षों के लिए बढ़ा दिया है. यह विस्तार ‘प्रोजेक्ट मन’ की सफलता के बाद किया गया है, जिसे सीआइएसएफ कर्मियों और उनके परिवारों के मानसिक स्वास्थ्य को मजबूत करने के लिए शुरू किया गया था. नवंबर 2024 में हुए प्रारंभिक समझौते के तहत एक वर्ष में 75,000 से अधिक सीआइएसएफ कर्मियों और उनके परिजनों ने पेशेवर परामर्श सेवाओं का लाभ उठाया. इसके सकारात्मक परिणामस्वरूप 2024-25 में सीआइएसएफ में आत्महत्या की दर राष्ट्रीय औसत से कम दर्ज की गयी. वर्तमान में 13 सेक्टरों में 23 परामर्शदाता कार्यरत हैं, जिन्हें बढ़ाकर 30 किया जाएगा. इस सेवा का विस्तार पटना, अहमदाबाद, प्रयागराज, भोपाल-इंदौर, जम्मू, चंडीगढ़, जयपुर, कोचीन सहित अन्य शहरों तक किया जाएगा. सीआइएसएफ महानिदेशक राजविंदर सिंह भट्टी ने कहा कि कर्मियों का कल्याण हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है. एबीइटी के साथ साझेदारी से हम सुनिश्चित कर रहे हैं कि हमारा बल मानसिक रूप से लचीला और राष्ट्रीय सुरक्षा की चुनौतियों के लिए तैयार रहे.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
