यात्रियों की सेहत से खिलवाड़ नहीं, चक्रधरपुर रेल मंडल में शुद्ध पानी की जंग.... जानें पूरी खबर

चक्रधरपुर रेल मंडल ने यात्रियों को शुद्ध पानी देने के लिए स्टेशनों पर पानी की गुणवत्ता जांच का विशेष अभियान शुरू किया है. नमूने लैब भेजे गए हैं.

चक्रधरपुर. यात्रियों को सफर के दौरान स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने की दिशा में चक्रधरपुर रेल मंडल ने बड़ा कदम उठाया है. रेलवे स्टेशनों पर पानी की गुणवत्ता की जांच के लिए एक विशेष अभियान चलाया गया, जिसके तहत चक्रधरपुर समेत सभी प्रमुख स्टेशनों से पानी के नमूने एकत्र किए गए. स्वास्थ्य और इंजीनियरिंग विभाग की संयुक्त टीम द्वारा लिए गए इन नमूनों को विस्तृत जांच के लिए खड़गपुर लैब भेजा गया है, जिसकी रिपोर्ट आगामी 3 सितंबर को आने की उम्मीद है.

स्टेशनों और कॉलोनियों से लिए गए पानी के नमूने

चक्रधरपुर स्टेशन में पानी का नमूना लेते व पानी की जांच करती टीम

रेलवे की संयुक्त टीम ने चक्रधरपुर रेलवे स्टेशन के साथ-साथ कार्यस्थलों, रेलवे कॉलोनियों, रनिंग रूम और रेलवे क्वार्टरों से पानी के सैंपल एकत्र किए. मौके पर मौजूद टीम ने बताया कि शुरुआती जांच में आरसीएल (क्लोरिन) की मात्रा 0.2 पाई गयी है, जो पानी में क्लोरिन की संतोषजनक उपस्थिति को दर्शाती है.

हालांकि, पानी में मौजूद सूक्ष्म कीटाणुओं और अन्य रासायनिक पदार्थों की सटीक जांच खुली आँखों से संभव नहीं है, जिसके चलते ही नमूनों को प्रयोगशाला भेजा गया है. पानी का नमूना लेने वाली इस विशेषज्ञ टीम में मुख्य स्वास्थ्य निरीक्षक बिशाल सिंह, विनय कुमार, स्वास्थ्य निरीक्षक सोनू कुमार और वरिष्ठ अनुभाग अभियंता राजेश कुमार शामिल रहे.

जलस्रोतों और फिल्टर प्लांटों की हुई सघन सफाई

अभियान के तहत रेलवे के सभी जल स्रोतों, फिल्टर प्लांटों, ओवरहेड टैंकों, पीवीसी टैंकों, वाटर बूथों और नलों की सघन जांच की गयी. एहतियात के तौर पर पीने के पानी के अधिकांश टैंकों को पूरी तरह खाली कर उनकी अंदरूनी साफ-सफाई सुनिश्चित की गयी है. साथ ही, पानी की टंकियों को पक्षियों की बीट या अन्य अशुद्धियों से बचाने के लिए विशेष रूप से जाली लगाने के निर्देश दिए गए हैं.

खराब पाइपलाइनों और टैंकों को दुरुस्त करने की कवायद

रेलवे प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि पानी की आपूर्ति में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. अभियान के दौरान जिन क्षेत्रों में पाइपलाइन में लीकेज या टैंकों में खराबी पाई गयी, उन्हें तत्काल प्रभाव से दुरुस्त करने की दिशा में काम शुरू कर दिया गया है. इस पूरी कवायद का मुख्य उद्देश्य रेलकर्मियों और दूर-दराज से आने वाले यात्रियों को पूरी तरह शुद्ध और संक्रमणमुक्त पेयजल उपलब्ध कराना है.


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लेखक के बारे में

By सुशील कुमार महतो

सुशील कुमार महतो के पास 21 वर्षों की पत्रकारिता का अनुभव है. उन्होंने रांची विश्वविद्यालय से बीएससी किया है. उन्होंने खोजी पत्रकारिता, राजनीतिक एवं सामाजिक विश्लेषण, ग्रामीण विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य, रेलवे और जनसरोकार से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण विषयों पर प्रभावशाली रिपोर्टिंग की है. वे दो-तीन वर्षों से डिजिटल मीडिया में भी सक्रिय हैं और आधुनिक पत्रकारिता के माध्यमों का प्रभावी उपयोग करते हुए समाज के महत्वपूर्ण मुद्दों को व्यापक स्तर तक पहुंचा रहे हैं. वर्तमान में प्रभात खबर के चक्रधरपुर कार्यालय में कार्यरत हैं.

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