चक्रधरपुर. दक्षिण पूर्व रेलवे के चक्रधरपुर मंडल के इंजीनियरिंग विभाग में प्रशासनिक स्तर पर बड़ा फेरबदल किया गया है. मंडल में कार्यरत चार सीनियर सेक्शन इंजीनियर (SSE) का रोटेशनल एडमिनिस्ट्रेटिव ट्रांसफर किया गया है. इस संबंध में 11 सितंबर को सीनियर डिविजनल पर्सनल ऑफिसर, चक्रधरपुर कार्यालय से आदेश जारी किया गया. प्लेसमेंट कमेटी की अनुशंसा और सीनियर डीईएन/को-ऑर्डिनेशन/सीकेपी की मंजूरी के बाद सभी स्थानांतरण तत्काल प्रभाव से लागू कर दिये गये हैं.
शिव प्रसाद सिंह को ईस्ट/चक्रधरपुर की जिम्मेदारी
शिव प्रसाद सिंह को SSE (Works)/East/CKP (IC) के रूप में नयी जिम्मेदारी दी गयी है. वह अब ADEN (Settl)/CKP के अधीन कार्य करेंगे. इससे पहले वह SSE (Works) के पद पर BNDM क्षेत्र में कार्यरत थे. उन्हें केशव कुमार झा के स्थान पर पदस्थापित किया गया है. केशव कुमार झा को 30 प्रतिशत LDCE कोटा के तहत ADEN (ग्रेड बी) में पदोन्नति मिली है. शिव प्रसाद सिंह का पे लेवल-7 और बेसिक पे 68 हजार रुपये ही रहेगा.
उमेश चंद्र प्रसाद को BNDM-II में पदस्थापन
उमेश चंद्र प्रसाद का भी प्रशासनिक आधार पर तबादला किया गया है. उन्हें SSE (P-Way)/BNDM-II (IC) के पद पर ADEN/West/CKP के अधीन पदस्थापित किया गया है. वह उपेंद्र प्रसाद की जगह कार्य करेंगे. उपेंद्र प्रसाद को भी 30 प्रतिशत LDCE कोटा के तहत ADEN (ग्रेड बी) में पदोन्नति मिली है. उमेश चंद्र का पे लेवल-7 और बेसिक पे 66 हजार रुपये है.
सुब्रत नायक और रमेश देवगम की भी बदली
सुब्रत नायक को SSE (P-Way)/GP (IC) के पद पर ADEN/JSG के अधीन भेजा गया है. वह रमेश चंद्र देवगम की जगह जिम्मेदारी संभालेंगे. सुब्रत नायक का पे लेवल-7 और बेसिक पे 78,800 रुपये है. वहीं रमेश चंद्र देवगम को SSE (P-Way)/JSG (IC) के पद पर पदस्थापित किया गया है. वह सुब्रत नायक की जगह कार्य करेंगे. उनका पे लेवल-8 और बेसिक पे 72,100 रुपये है.
तत्काल प्रभाव से लागू हुआ आदेश
रेल प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि चारों अधिकारियों का स्थानांतरण विशुद्ध रूप से प्रशासनिक आधार पर किया गया है. संबंधित अधिकारियों के सर्विस रिकॉर्ड में आवश्यक प्रविष्टियां करने का निर्देश दिया गया है. साथ ही आदेश के अनुपालन की सूचना चक्रधरपुर कार्यालय के इंजीनियरिंग कैडर के चीफ ऑफिस सुपरिंटेंडेंट को देने को कहा गया है. आदेश में कुछ पुराने स्टेशन और सेक्शन के नाम में सुधार का भी उल्लेख किया गया है, ताकि संबंधित अधिकारियों की पोस्टिंग रिकॉर्ड में सही तरीके से दर्ज हो सके.
