चक्रधरपुर: कोल्हान नितिर तुरतुंग के चक्रधरपुर केंद्र में गुरुवार को विशेष प्रेरणादायक सत्र का आयोजन किया गया. कार्यक्रम की शुरुआत संस्थान के संरक्षक माझी राम जामुदा ने प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के पदाधिकारियों का परिचय कराते हुए पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया. माउंट आबू से बीके हितेश, बेगूसराय से बीके रंजीत तथा जमशेदपुर से बीके पूनम और बीके पायल ने विद्यार्थियों को संबोधित किया.
‘खुद से खुद को मिलाने’ का कराया ध्यान अभ्यास
ब्रह्माकुमारीज के प्रतिनिधियों ने छात्र-छात्राओं को ‘खुद से खुद को मिलाने’ के लिए मेडिटेशन का अभ्यास कराया. उन्होंने ध्यान के माध्यम से एकाग्रता और आत्मविश्वास बढ़ाने के तरीके बताये. साथ ही कठिन और विषम परिस्थितियों में मानसिक शांति बनाये रखने के व्यावहारिक उपाय भी साझा किये. विद्यार्थियों को नियमित ध्यान के महत्व की जानकारी दी गयी.
मोबाइल का अत्यधिक इस्तेमाल भी एक तरह का नशा
सत्र में नशा मुक्ति पर विशेष जोर दिया गया. बीके प्रतिनिधियों ने कहा कि नशा केवल शराब या ड्रग्स तक सीमित नहीं है. मोबाइल का अत्यधिक इस्तेमाल, किसी वस्तु की आदत या किसी व्यक्ति के प्रति अत्यधिक भावनात्मक लगाव भी एक प्रकार का नशा बन सकता है. विद्यार्थियों को ऐसे डिजिटल और व्यवहारिक व्यसनों से बचने तथा खुद पर नियंत्रण रखने की सीख दी गयी.
संस्थान को मिला ‘नेशनल पब्लिक अवेयरनेस मूवमेंट’ प्रमाणपत्र
कार्यक्रम के अंत में छात्र-छात्राओं और उपस्थित लोगों को ‘नशा मुक्त भारत अभियान’ के तहत नशा मुक्ति की शपथ दिलायी गयी. सामाजिक जागरूकता के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए ब्रह्माकुमारीज की ओर से कोल्हान नितिर तुरतुंग संस्थान को ‘नेशनल पब्लिक अवेयरनेस मूवमेंट’ का प्रमाणपत्र प्रदान किया गया. मौके पर संरक्षक माझी राम जामुदा, संयुक्त सचिव हेमंत सामड, मीडिया प्रभारी रबिन्द्र गिलुवा, संस्थापक सदस्य सत्यजीत हेमब्रोम समेत शिक्षक व अन्य सदस्य उपस्थित रहे. कार्यक्रम में करीब 165 छात्र-छात्राओं ने भाग लिया.
