Chaibasa News : कानपुर डैम से पानी छोड़ने की सूचना पर अलर्ट, वैतरणी किनारे लोगों ने संभाला मोर्चा

जैंतगढ़ : जलस्तर बढ़ने पर एक गेट खोला गया, बारिश नहीं थमी और भी गेट खुल सकते हैं

जैंतगढ़. क्योंझर जिला अंतर्गत बासुदेवपुर में कानपुर डैम से 24 घंटे के भीतर पानी छोड़ने की सूचना से क्षेत्र के लोग दहशत में हैं. खास तौर पर वैतरणी नदी से सटे इलाके के ग्रामीण घबराये हुए हैं. उन्हें भय है कि कानपुर डैम से पानी छोड़े जाने से नदी का जलस्तर बढ़ जायेगा, जिससे लोगों को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है.

क्या है मामला

कानपुर डैम के मुख्य निर्माण अभियंता ने एक सूचना जारी कर 24 घंटे के भीतर कानपुर डैम से पानी छोड़ने की बात कही है. डैम का पानी छोड़े जाने से वैतरणी नदी में बाढ़ आ सकती है. लोगों को नदी के आसपास नहीं जाने तथा अलर्ट रहने को कहा गया है. इधर, जगन्नाथपुर अंचल कार्यालय से भी सूचना जारी कर वैतरणी के बाढ़ से प्रभावित होने वाले गांवों और पंचायत के मानकी, मुंडा, मुखिया को अपने स्तर से या डाकुवा द्वारा ढिंढोरा पिटवा कर लोगों को सतर्क करने को कहा गया है. सूचना जारी होते ही क्षेत्र में खलबली मची हुई है. लोग 24 घंटे से वैतरणी नदी का पहरा दे रहे हैं.

तटवर्ती सीमा के निजी स्कूल किये गये बंदवैतरणी नदी के तट पर बसे ग्रामीण क्षेत्रों में पब्लिक स्कूल बंद कर दिये गये हैं. सरकारी स्कूल यथावत संचालित है. जैंतगढ़ में भी सरस्वती शिशु विद्या मंदिर और चंद्रमणि शिक्षा विहार स्कूल में छुट्टी कर दी गयी है. बाजार में सन्नाटा पसरा हुआ है. रुक- रुक कर लगातार हो रही वर्षा से माहौल और भी खराब है.

प्रशासनिक तैयारी : प्रशासनिक तैयारी के नाम पर सिर्फ अंचल कार्यालय से सूचना जारी की गयी है. वहीं केवल मानकी, मुंडा और मुखिया को सूचना जारी कर लोगों को सतर्क करने को कहा गया है. न तो एनडीआरएफ टीम नजर आ रही है और न ही प्रशासनिक अधिकारी की ही सक्रियता दिख रही है. अगर बढ़ आ जाती है तो ऐसी परिस्थिति के लिए शरण स्थल भी नहीं बनाये गये हैं.

मौजूदा डैम की स्थितिसूत्रों के अनुसार बुधवार को दोपहर एक बजे तक डैम लबालब भर गया है. मिट्टी से बांधा गया अस्थाई छोटा बांध जिसे दो और गेट बनाने के लिए बनाया गया था, उस अस्थाई कच्चे बांध से पानी लीक कर रहा है. डैम के अधिकारी और अभियंता अलर्ट हैं. जिस तरह से मौसम बन हुआ है और बारिश हो रही है, इससे स्थिति और बिगड़ सकती है, जिससे डैम से पानी छोड़ने पर भारी नुकसान हो सकता है. खास कर आनंदपुर आदि मैदानी क्षेत्रों में अधिक नुकसान हो सकता है.

ये हैं प्रभावित क्षेत्र : जगन्नाथपुर प्रखंड के प्रभावित क्षेत्र के रूप में चिह्नित गावों में बनाइकेला, भानगांव, सियालजोड़ा, ब्रह्मपुर, कार्दोकोडा, बांसकाटा, दलपोसी, जैंतगढ़, खूंटियापदा, बारला, पुटगांव, तुरली, मुंडुई, गुमुरिया व परसा आदि शामिल हैं.

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Author: ANUJ KUMAR

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