Chaibasa News : बंद कमरे में खुद की कार्बाइन से चली गोली लगने से आनंदपुर के आलमनाथ भुइयां की मौत का मामला

सुबह में फोन पर पत्नी से हुई थी बात, कहा-तनाव में रह रहे थे

आनंदपुर.

पूर्णिया जिले के अमौर थाना परिसर में बुधवार को खुद की कार्बाइन से चली गोली लगने से पश्चिमी सिंहभूम जिले के आनंदपुर थाना के बारोतिका गांव के निवासी हवलदार आलमनाथ भुइयां की मौत हो गयी. घटना के बाद पुलिसकर्मियों ने झारखंड निवासी मृतक हवलदार आलमनाथ भुइयां के परिजनों को घटना से अवगत कराया. इस क्रम में मृतक की पत्नी ने पुलिसकर्मियों को बताया कि वे विगत कुछ महीने से तनाव में रहते थे, लेकिन कुछ बताते नहीं थे. कई बार पूछने पर भी कोई बात साझा नहीं किए. वहीं घर से व कई लोगों से वे रुपये उधार लेकर क्या करते थे कुछ जानकारी नहीं है. उनके ऊपर कर्ज अधिक हो गया था. बुधवार को सुबह करीब 9 बजे के आसपास फोन पर बात हुई थी.

अमौर पुलिस ने तत्काल फॉरेंसिक टीम को बुलाया

घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए अमौर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की है. मामले की तह तक जाने के लिए एफएसएल की टीम को बुलाया गया है. मौके पर एफएसएल की टीम पहुंची. कार्बाइन और उससे चली गोली, खोखा सहित अन्य सैंपल लिया गया है. पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और एफएसलएल जांच का निष्कर्ष आने के बाद ही घटना पर पूरी तरह से परदा उठ पायेगा.

साइबर ठगी का शिकार होने की आशंका

भतीजा मृतक के भतीजे राजन भुइयां ने साइबर ठगी का शिकार होने की आशंका जतायी है. राजन आलमनाथ के छोटे भाई बालकृष्ण भुइयां के पुत्र हैं. प्रभात खबर से दूरभाष पर बात करते हुए राजन ने बताया कि वे फिलहाल पूर्णिया के लिए निकल चुके हैं. उन्होंने बताया कि मृतक के परिवार में पत्नी और 5 बेटियां हैं, जो वर्तमान में देवघर में रहते हैं. राजन ने बताया कि आलमनाथ अंतिम बार 2020 में लॉकडाउन से पहले बोरोतिका (आनंदपुर) आये थे. उन्होंने कहा कि कहीं से पैसा मिलने वाला था, जिसे लेकर वे काफी परेशान थे. आलमनाथ ने पहले ही दो किस्तों में 60 हजार और 50 हजार रुपये दे दिये थे और अब उन्हें 15 हजार रुपये और देने थे. राजन के अनुसार, यह मामला संभवतः साइबर ठगी से जुड़ा हो सकता है और पुलिस इस दिशा में भी जांच कर रही है.

पत्नी बोली- 15 हजार देने पर 7 लाख रु मिलने की बात कही

बालकृष्ण की पत्नी रूपन भुइयां ने बताया कि आलमनाथ ने मंगलवार तड़के करीब तीन बजे उनके पति को फोन कर 15 हजार रुपये की मांग की थी. उन्होंने कहा था कि 15 हजार रुपये देने पर उसे सात लाख रुपये मिलने वाले हैं. बातचीत के दौरान आलमनाथ रो रहे थे. रूपन भुइयां ने बताया कि बुधवार दोपहर करीब 12 बजे आनंदपुर थाना प्रभारी ने फोन कर आलमनाथ की मौत की सूचना दी. यह खबर मिलते ही पूरा परिवार सदमे में आ गया.

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By AKASH

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