चक्रधरपुर.
कुड़मी समाज की ओर से 20 सितंबर को प्रस्तावित रेल टेका आंदोलन को लेकर प्रशासन पूरी तरह अलर्ट हो गया है. किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने और विधि-व्यवस्था बनाये रखने के लिए एसडीओ श्रुति राजलक्ष्मी ने शुक्रवार को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी है. आदेश शुक्रवार से ही प्रभावी हो गया है. जानकारी के अनुसार आदिवासी कुड़मी समाज द्वारा अनुसूचित जनजाति की सूची में शामिल करने और कुड़माली भाषा को संविधान की आठवीं अनुसूची में स्थान दिलाने की मांग को लेकर रेल टेका आंदोलन की घोषणा की गयी है. इस आंदोलन के तहत चक्रधरपुर रेल मंडल के कई स्टेशनों पर रेल परिचालन ठप करने की योजना है.अनुमंडल पदाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि रेलवे की सुरक्षा और यात्रियों की सुविधा सर्वोपरि है. किसी भी हालत में शांति-व्यवस्था भंग करने की इजाजत नहीं दी जायेगी.आदेश के मुख्य बिंदु
किसी भी प्रकार का आंदोलन, प्रदर्शन या रेल रोकना प्रतिबंधित रहेगा.रेलवे स्टेशन, प्लेटफॉर्म, सड़क मार्ग, पुल-पुलिया, सरकारी भवन, दुकान, हाट-बाजार आदि पर धरना, जुलूस या सभा आयोजित नहीं किया जा सकेगा.
आगजनी, तोड़फोड़, हिंसा, अफवाह फैलाना और सोशल मीडिया पर भड़काऊ संदेश डालना पूरी तरह वर्जित रहेगा.पानी, बिजली, स्वास्थ्य सेवाओं और परिवहन जैसी आवश्यक सेवाओं में किसी भी तरह की बाधा डालना अपराध माना जायेगा.
पुलिस, प्रशासनिक या रेलवे कर्मचारियों को ड्यूटी से रोकने या बाधित करने का प्रयास दंडनीय अपराध होगा.आदेश का उल्लंघन करने वालों पर कठोर कार्रवाई की जायेगी.
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