Chaibasa News : फॉरेस्ट क्लीयरेंस के पेच में दो सड़कें अधूरी, 60 हजार की आबादी परेशान

सड़क नहीं बनने से ग्रामीणों में रोष एनएच-75 को अनिश्चितकालीन बंद करने की चेतावनी

झींकपानी. चाईबासा से रोवाम तक लगभग 80 किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण फॉरेस्ट क्लीयरेंस (वन विभाग से स्वीकृति) नहीं मिलने के कारण विगत 7-8 वर्ष से अधर में है. वहीं, मोंगरा से बरकेला तक निर्माणाधीन सड़क भी फॉरेस्ट क्लीयरेंस नहीं मिलने से अधूरी है. इसे लेकर टोंटो प्रखंड के ग्रामीणों में वन विभाग के प्रति आक्रोश बढ़ रहा है. ज्ञात हो कि आगामी 05 सितंबर को टोंटो प्रखंड की बामेबासा पंचायत अंतर्गत मौदा में चाईबासा वन प्रमंडल का 76वां वन महोत्सव कार्यक्रम होना है. वहां राज्य के मंत्री दीपक बिरुवा व सांसद जोबा माझी उपस्थित रहेंगे. ग्रामीणों ने निर्णय लिया है कि कार्यक्रम में वन विभाग को मंत्री व सांसद के सामने ज्ञापन सौंपकर दोनों सड़कों के निर्माण में हो रही बाधा को दूर करने की मांग करेंगे. वन विभाग ने गंभीरता से नहीं लिया, तो एन एच-75 को लोकेसाई में अनिश्चितकालीन के लिए बंद करेंगे.

सड़क बनने से 60 हजार आबादी होगी लाभान्वित

चाईबासा-रोवाम सड़क पर पुरनापानी के बीर सिंहहातू से सुइअम्बा तक लगभग 7 किलोमीटर वन क्षेत्र में पड़ता है. वन विभाग से क्लीयरेंस नहीं मिल रहा है. अधूरी सड़क गड्ढों व कीचड़ के कारण जानलेवा बन गयी है. यह सड़क टोंटो प्रखंड की बामेबासा पंचायत, पुरनापानी पंचायत होते हुए रेंगड़ाहातू पंचायत, टोंटो व बुंडू पंचायत होते हुए रोवाम तक जाती है. सड़क बनने से टोंटो प्रखंड की पांच पंचायतों की 50-60 हजार की आबादी को लाभ मिलेगा. टोंटो प्रखंड के सुदूरवर्ती जंगल क्षेत्र के लोग सीधे चाईबासा मुख्यालय से जुड़ जायेंगे. टोंटो वासियों को सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य सहित सरकार की योजनाओं का लाभ मिलेगा.

100 किमी दूरी तय कर चाईबासा पहुंचते हैं बुंडू के लोग

गौरतलब है कि सड़क नहीं बनने से टोंटो प्रखंड की बुंडू पंचायत के ग्रामीणों को 100 किलोमीटर दूरी तय कर बड़ाजामदा, नोवामुंडी, जगन्नाथपुर होते हुए चाईबासा मुख्यालय आना पड़ता है. पूर्व में फॉरेस्ट क्लीयरेंस को लेकर टोंटोवासी वन विभाग के समक्ष गुहार लगा चुके हैं.

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Author: ATUL PATHAK

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