मनोहरपुर. प्रखंड के बड़पोस और रायडीह गांव के बीच बांध के पानी को लेकर लंबे समय से चले आ रहे विवाद को सुलझाने के लिए प्रशासन ने कदम आगे बढ़ाए हैं. गुरुवार को बड़पोस गांव में बीडीओ शक्ति कुंज और सीओ प्रदीप कुमार की उपस्थिति में दोनों गांवों के ग्राम मुंडा और ग्रामीणों की महत्वपूर्ण बैठक हुई. इसमें दोनों पक्षों की बात सुनकर समस्या का स्थाई समाधान निकालने पर चर्चा की गई.
5 साल से भुखमरी की स्थिति में हैं रायडीह के 37 किसान
बैठक में रायडीह गांव के मुंडा और ग्रामीणों ने अपनी गंभीर समस्या को अधिकारियों के समक्ष रखा. बड़पोस गांव में करीब 14 एकड़ में फैले तालाब के ओवरफ्लो होने से बरसात के दिनों में रायडीह गांव के 37 रैयतों की लगभग 25 एकड़ जमीन जलमग्न हो जाती है. पानी में डूबने वाली जमीन तालाब के बांध के पास स्थित है. प्रभावित किसान पूरी तरह खेती पर ही आश्रित हैं. खेती न कर पाने के कारण उनके सामने आर्थिक संकट और भुखमरी की स्थिति उत्पन्न हो जाती है. ग्रामीणों ने बताया कि जलभराव के कारण खेतों में काफी मात्रा में गाद भी जमा हो गई है. वे पिछले 5 सालों से प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से गुहार लगा रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस हल नहीं निकला था.
छह बिंदुओं पर बनी सहमति
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद बीडीओ शक्ति कुंज और सीओ प्रदीप कुमार ने बताया कि समस्या के जल्द निपटारे के लिए बांध के गेट को समय पर खोलने और बंद करने के लिए सरकारी कर्मचारी नियुक्त किया जायेगा. बांध के जर्जर गेट का नए सिरे से निर्माण कराया जाएगा. पक्की नहर का निर्माण करने के बाद जल प्रवाह को नियंत्रित करने के लिए मुख्य नहर से एक नया चैनल निकाला जायेगा. नहर और खेतों में जमा गाद को हटाया जायेगा. पानी के स्तर को नियंत्रित रखने के लिए ओवर गेट की ऊंचाई थोड़ी कम की जाएगी. इस समस्या की निगरानी और निदान के लिए दोनों गांवों के लोगों को मिलाकर एक संयुक्त कमेटी बनायी जायेगी.बीडीओ और सीओ ने दिया आश्वासन
बीडीओ और सीओ ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि इस पूरी कार्ययोजना से जिला प्रशासन को अवगत कराया जाएगा और बहुत जल्द धरातल पर कार्रवाई शुरू कर समस्या का स्थाई निदान किया जायेगा. बांध विवाद सुलझाने के लिए दोनों गांवों की संयुक्त कमेटी बनायी जायेगी.
