चंदनकियारी प्रखंड के झाबरा गांव में शुक्रवार को नौ दिवसीय रुद्र महायज्ञ शुरू हुआ. कलश यात्रा गांव के मंदिर से गवाई नदी पहुंची. कलशों में जल भर कर श्रद्धालु पैदल यज्ञ मंडप पहुंचे. इसके बाद कई अनुष्ठान हुए. कलश यात्रा में सैकड़ों श्रद्धालु शामिल हुए और इस दौरान हर हर महादेव की जयकारों से क्षेत्र गूंज उठा. बताया गया कि यज्ञ के दौरान प्रतिदिन कथा, धर्म चर्चा व संध्या आरती का आयोजन होगा.
ग्वालाडीह गांव में सात दिवसीय श्री श्री 108 श्रीराम महायज्ञ शुक्रवार को शुरू हुआ. गवाई बराज नदी से ग्वालाडीह स्थित काली मंदिर तक कलश यात्रा निकाली गयी. इसमें 301 युवतियों तथा महिलाओं समेत काफी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया. युवक संघ ग्वालाडीह की ओर से श्रद्धालुओं के लिए शरबत तथा पानी की व्यवस्था की गयी थी. आचार्य गणेश पांडेय महाराज और कथावाचक शशि प्रभा ने बताया कि रामायण पाठ या श्रीराम महायज्ञ का आयोजन चैत्र मास में करना शुभ माना जाता है. कमेटी के लोगों ने बताया कि हर वर्ष गांव के काली मंदिर परिसर में श्री श्री 108 श्री राम महायज्ञ का आयोजन किया जाता है. मौके पर जिप सदस्य राजेश महतो, मुखिया कृष्ण पद महतो, उप मुखिया राजकुमार गोप, समाजसेवी राजकुमार महतो, अशोक महतो, वार्ड पार्षद गायत्री देवी, पशुपति महतो, नरेन गोप, दिलीप गोप, चमटु गोप, जादु महतो, रंजीत महतो आदि थे.बाट बिनोर पंचायत के अलुआरा में श्री श्री 1008 श्रीमद् भगवत महापुराण पाठ एवं ज्ञान यज्ञ शुक्रवार को कलश यात्रा से शुरू हुआ. कलश यात्रा में शामिल श्रद्धालु दामोदर नदी के दल घटिया घाट पहुंचे और कलशों में पवित्र जल भर कर यज्ञ स्थल लौटे. इस दौरान जय सीताराम और जय हनुमान के जयकारे लगे. इसके बाद पंचांग पूजन एवं मंडप प्रवेश हुआ. शाम में पंडित किशोर चंद्र शास्त्री तथा रात में व्यास संजय द्विवेदी (श्रीधाम वृंदावन) ने श्रीमद् भागवत कथा का वाचन शुरू किया. यज्ञ की पूर्णाहुति नाै अप्रैल को होगी. आयोजन को लेकर ग्रामीणों और सोलह आना कमेटी के सदस्य सक्रिय रूप से जुटे हुए हैं.
मंजूरा में तीन दिवसीय यज्ञ का पूर्णाहुति
कसमार प्रखंड के मंजूरा स्थित श्रीहरि मंदिर में आयोजित शुद्धीकरण एवं प्रतिमा प्राण-प्रतिष्ठा समारोह सह तीन दिवसीय महायज्ञ की पूर्णाहुति शुक्रवार को हुई. अंतिम दिन यज्ञ मंडप की परिक्रमा के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी. यज्ञाचार्य मंतोष मिश्रा, आदित्य मिश्रा व गुड्डू पांडेय ने विधान चंद्र झा सहित अन्य यजमानों से अनुष्ठान कराये. भंडारे में श्रद्धालुओं के बीच महाप्रसाद का वितरण किया गया. बाद में शोभा यात्रा निकाल कर देवी-देवताओं की प्रतिमाओं का विसर्जन महतो तालाब में किया गया.आयोजन में निर्माण समिति के अध्यक्ष सुमित्रानंदन महतो, सचिव सुभाष झा, कोषाध्यक्ष विमल जायसवाल, संरक्षक प्रदीप झा, यज्ञ संचालक जयंत जायसवाल, मुख्य यजमान चंद्रशेखर झा सहित प्रकाश प्रजापति, विक्की जायसवाल, देवेंद्र नाथ महतो, शिशुपाल महतो, अमन जायसवाल, गोपाल महतो, अशोक मिश्रा, शिव झा, बासुदेव प्रजापति, संजय प्रजापति, सुमित, सूर्यकांत, संतोष, तेजु, पुसू, ज्योति, हेमंत, भागीरथ, मिथिलेश, साधु, अशोक झा आदि का योगदान रहा.
