तीन दिनों के अवकाश के बाद मंगलवार को बैंक हड़ताल के कारण बंद रहे. इससे ग्राहकों को परेशानी हुई. बोकारो थर्मल में भी एसबीआइ और बीओआइ की शाखाओं में ताला लटका रहा. यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (यूएफबीयू) के आह्वान पर देशव्यापी हड़ताल में गोमिया के बैंक कर्मी भी शामिल रहे. इसके कारण गोमिया में बैंक ऑफ इंडिया, इंडियन बैंक इलाहाबाद, बैंक ऑफ बड़ोदा व कैनरा बैंक की शाखाओं में लेन-देन, चेक क्लीयरेंस और अन्य कामकाज ठप रहे. कर्मी बैंक गेट के समक्ष बैठ रहे और मांगों के समर्थन में नारेबाजी की.
ये है कर्मियों की मांग
परिमल दत्ता ने कहा कि सबसे पुरानी और प्रमुख मांग है कि सप्ताह में पांच दिन काम कराया जाये. आरबीआइ, एलआइसी, स्टॉक एक्सचेंज और अधिकतर सरकारी कार्यालयों में सप्ताह में पांच कार्य दिवस का नियम लागू है. बैंक कर्मचारियों के साथ भेदभाव क्यों किया जा रहा है. कर्मचारी संघों का कहना है कि काम के कुल घंटों में कटौती नहीं हो. कर्मी सोमवार से शुक्रवार तक प्रतिदिन 40 मिनट अतिरिक्त काम करने को तैयार हैं. मार्च 2024 में भारतीय बैंक संघ (IBA) के साथ हुए वेतन संशोधन समझौते में हर शनिवार को सार्वजनिक अवकाश घोषित करने पर सहमति बनी थी. लेकिन केंद्र सरकार की ओर से अभी तक इस प र अंतिम मंजूरी नहीं मिली है. मौके पर ओमकार कुमार, एसी धर, मथुरा प्रसाद, दीप नारायण रजक, रुबेन रुंडा, बंशी रविदास, प्रभात गुप्ता, प्रवीण कुमार, दीपक कुमार आदि मौजूद थे.
