Bokaro News : संवाददाता, बेरमो. बगोदर से भाकपा माले के पूर्व विधायक विनोद सिंह ने कहा कि कोयला राज्य सरकार का मसला नहीं है, लेकिन बालू को लेकर सरकार की नीति को लेकर परेशानी हो रही है. एक ओर कॉरपोरेट घरानों के लिए पर्यावरण का नुकसान किया जा रहा है, जबकि गांव में रहने वाले लोग जरूरत के लिए बालू उपयोग में नही कर सकते हैं. वैध रास्तों को बंद करने के कारण ही यह परेशानी हो रही है. सरकार आज तक एक स्पष्ट नीति तक नहीं बना पायी है. श्री सिंह प्रभात खबर बेरमो कार्यालय में बातचीत कर रहे थे. उन्होंने कहा कि मंईयां सम्मान योजना में सरकार के बजट का 10 फीसदी राशि खर्च हो रही है. इस राशि से महिलाएं आत्मनिर्भर बन रही हैं, लेकिन 18 साल की नयी महिलाओं को मंईयां सम्मान योजना का लाभ मिलना बंद है, जिससे लड़कियों की पढ़ाई बाधित हो रही है. एक सवाल के जवाब में श्री सिंह ने कहा कि नगर निकाय का चुनाव दलीय आधार पर होना चाहिए था. कहा कि पंचायत चुनाव का भी तीन टर्म पूरा होने को है, लेकिन पंचायत प्रतिनिधियों को राशि और अधिकार नहीं मिला. यूजीसी के संबंध में श्री सिंह ने कहा कि संविधान में समानता होनी चाहिए और असमानता को कम करना चाहिए. हमारी पार्टी इसका स्वागत करती है. श्री सिंह ने कहा कि चार लेबर कोड के खिलाफ 12 फरवरी की हड़ताल कोयला मजदूरों का भविष्य तय करेगी. मौके पर एक्टू व माले नेता विकास कुमार सिंह मौजूद थे. श्री सिंह ने बेरमो के कुरपनिया स्थित माले के पुराने कार्यकर्ता जेठू महतो के निधन पर उनके परिजनों से मिल शोक संवेदना जतायी.
Bokaro News : मंईयां सम्मान योजना से महिलाएं बन रही हैं आत्मनिर्भर : विनोद सिंह
Bokaro News : 18 साल की नयी महिलाओं को योजना का लाभ मिलना बंद
