कोलकाता-वाराणसी एक्सप्रेसवे निर्माण कार्य में उपयोग हो रही छाई की ढुलाई से उड़ रही धूल के विरोध में रविवार को बगियारी मोड़ में ग्रामीणों ने मालवाहक वाहनों का परिचालन रोक दिया. सड़क पर नियमित पानी छिड़काव की मांग की. सुबह करीब आठ बजे शुरू हुआ आंदोलन देर शाम तक जारी रहा. इस दौरान बगियारी मोड़ की तीनों दिशाओं में हाइवा व अन्य मालवाहक वाहनों की लंबी कतारें लग गयी. हालांकि, यात्री वाहनों को आने जाने दिया गया. ग्रामीणों ने बताया कि पूरे इलाके में धूल का गुबार छाया रहता है. घर में रखा भोजन तक धूल से भर जा रहा है और बच्चों व बुजुर्गों के बीमार पड़ने का खतरा बढ़ गया है. शुक्रवार को भी इसी समस्या को लेकर सड़क जाम किया गया था. उस समय निर्माण कार्य कर रही कंपनी के प्रतिनिधि विकास कुमार ने नियमित पानी छिड़काव कराने का भरोसा दिया था, लेकिन दो दिन बाद भी स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ. जब तक नियमित पानी छिड़काव शुरू नहीं किया जायेगा, तब तक आंदोलन जारी रहेगा. मौके पर माधव महली, निवारण महली, संतोष महली, पार्वती देवी, मंतोष महली, मुस्कान सिंह, चंपा देवी, सुरेश महली, रमेश महली, आनंद महली, कालीचरण महली, शंभू महली, सुमन देवी आदि ग्रामीण मौजूद थे.
Bokaro News : धूल से परेशान ग्रामीणों ने रोका मालवाहक वाहनों का परिचालन
Bokaro News : धूल से परेशान ग्रामीणों ने मालवाहक वाहनों का परिचालन रोक दिया.
