महुआटांड़. राज्य के पेयजल एवं स्वच्छता सह उत्पाद एवं मद्य निषेध मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने कहा कि वित्तीय वर्ष 2024-25 में उत्पाद विभाग ने लक्ष्य 2700 करोड़ रुपये से सात करोड़ रुपये अधिक राजस्व प्राप्त कर कीर्तिमान स्थापित किया है. विभाग द्वारा एक टीम की तरह मेहनत करने से यह सफलता मिली है. विभाग की पूरी टीम बधाई की पात्र है. मंगलवार को मुरुबंदा स्थित आवास में प्रभात खबर से बातचीत में मंत्री ने कहा कि मंत्रालय संभालते ही समीक्षा के बाद राजस्व लक्ष्य की प्राप्ति को लेकर कई कठोर कदम उठाये. अधिकारियों को सख्त दिशा-निर्देश दिये गये. लगातार मॉनिटरिंग की और चीजों को दुरुस्त करने पर बल दिया गया. मंत्री ने कहा कि नये वित्तीय वर्ष के लिए 3000 करोड़ रुपया राजस्व प्राप्त करने का लक्ष्य है. उत्पाद विभाग चीजों को पूरी तरह से पारदर्शी और शिकायतों के निपटारे को लेकर रोडमैप पर काम कर रहा है. पेयजल विभाग में भी चीजें दुरुस्त करने पर काम किया जा रहा है. लेकिन केंद्रांश का बकाया 6500 करोड़ नहीं मिलने के कारण अड़चन है. विभाग के अलावा राज्य सरकार ने कई बार केंद्र सरकार से इस संबंध में पत्राचार किया है. उम्मीद है कि केंद्रांश की बकाया राशि मिलने पर तेजी से चीजें दुरुस्त की होंगी.
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