Bokaro News : जर्जर सीआइएसएफ बैरक बना असामाजिक तत्वों का अड्डा

Bokaro News : बारीग्राम के समीप जर्जर सीआइएसएफ बैरक असामाजिक तत्वों का अड्डा बन गया है.

By JANAK SINGH CHOUDHARY | January 6, 2026 11:55 PM

सीसीएल बीएंडके प्रक्षेत्र अंतर्गत बोकारो कोलियरी के बारीग्राम के समीप जर्जर सीआइएसएफ बैरक इन दिनों असामाजिक तत्वों का अड्डा बन गया है. इससे आसपास के लोग परेशान हैं. अक्सर असामाजिक तत्वों के साथ स्थानीय लोगों की नोक झोंक भी हो जाती है. कुछ दिन पूर्व एक संवेदक द्वारा जर्जर बैरक को तोड़ने की प्रक्रिया भी शुरू की गयी थी, परंतु किसी कारणवश कार्य को रोक दिया गया.

वर्ष 2012-13 में बना था बैरक

सीआइएसएफ जवानों के लिए बीएंडके एरिया प्रबंधन ने वर्ष 2012-13 में करीब 60 लाख रुपये की लागत से इस बैरक का निर्माण कराया था. इसमें 150 जवान रहते थे. क्षेत्र में लगी जमीनी आग के कारण दो-ढाई साल पहले बैरक के नीचे से लपटें निकलने लगी और जमीन धंसने लगी. इसके बाद जवानों को तत्काल डीवीसी बेरमो सीम के निकट सीआइएसएफ बीएंडके के सी कैंप में शिफ्ट कराया गया. बैरक के निकट रहने वाले कुछ लोग मकान व दुकान छोड़ कर आग के भय से काफी पहले भाग गये. पास में बोकारो कोलियरी का चीप हाउस कॉलोनी का इलाका है. यहां 40 सीसीएलकर्मी समेत करीब 200 परिवार रहते हैं. इनलोगों को कहना है कि कॉलोनी के ठीक नीचे भयानक आग है. हमेशा दहशत में रहते हैं. चीप हाउस से सटा फुटबॉल ग्राउंड तथा आंबेडकर चौक का इलाका है. हीरक रोड के दूसरे छोर पर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के अलावा कई दुकानें व सीसीएल की कॉलोनी है. स्वास्थ्य केंद्र के निकट लोकल सेल के ट्रक खड़े रहते हैं. बैरक के आसपास आग के कारण जमीन धंस रही है. जानकारी के अनुसार बारीग्राम के निकट मुख्य सड़क के दोनों ओर आग लगी हुई है. आग से सैकड़ों पेड़-पौधे झुलस गये हैं. बारीग्राम से चार नंबर की ओर जाने वाले मुख्य हीरक रोड के मध्य बारीग्राम आंबेडकर चौक से मुश्किल से 100 मीटर की दूरी पर कुछ माह पहले करीब एक से डेढ़ मीटर सड़क धंस गयी थी. प्रबंधन ने आनन-फानन धंसी सड़क की मिट्टी से फिलिंग करायी थी.

सिंफर की टीम ने की थी भूमिगत आग की जांच

कुछ साल पहले सीएमआरआइ (सिंफर) धनबाद की टीम ने बारीग्राम में सीआइएसएफ बैरक के नीचे व आसपास लगी आग का जायजा लिया था. स्थल की वीडियोग्राफी भी करायी थी. ट्रैंच कटिंग कर उसे बालू व मिट्टी से फिलिंग करने का निर्देश दिया था, लेकिन प्रबंधन ने सिर्फ मिट्टी फिलिंग करायी. इसका नतीजा हुआ कि आग हीरक रोड के दूसरे छोर तक चली गयी. करगली फिल्टर प्लांट से इस क्षेत्र के लिए आयी मेनपाइप भी आग की चपेट में आ गयी, जिसे बाद में दूसरे रास्ते से ले जाना पड़ा.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है