Bokaro News : प्रतिनिधि, गांधीनगर. सीसीएल बीएंडके एरिया के खासमहल कोनार परियोजना के केएसएमएल आउटसोर्सिंग कंपनी के पानी टैंकर में हेल्पर नरेश तांती (55 वर्ष) का शव गुरुवार सुबह कैंप के समीप एक गड्ढे में मिला. वहां कार्यरत कर्मियों ने शव को देखा. बाद में हल्ला होने पर काफी संख्या में कर्मी वहां जमा हो गये. घटना की जानकारी मिलने पर कई श्रमिक प्रतिनिधि सहित कई दलों के नेता भी वहां पहुंचे और मृतक के परिजनों को उचित मुआवजा देने एवं पुत्र को आउटसोर्सिंग कंपनी में नियोजन देने की मांग रखी. मृतक चार नंबर रथ मंदिर के समीप रहने वाला था. परिजन विवाह समारोह में शामिल होने के लिए ओडिशा गये हुए थे. मृतक के तीन पुत्र हैं. एक पुत्र चेन्नई और दूसरा पुत्र मुंबई में प्राइवेट कंपनी में काम करता है, वहीं छोटा पुत्र टाटा में था, जो जानकारी मिलने के बाद दोपहर बाद खासमहल पहुंचा. मुआवजे को लेकर दिन भर कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर नामित जैन एवं श्रमिक प्रतिनिधियों व राजनीतिक दलों के नेताओं के साथ वार्ता होती रही. कंपनी द्वारा शुरू में दो लाख रुपये मुआवजा देने एवं पुत्र को कंपनी में नियोजन देने की बात रखी, परंतु प्रतिनिधियों ने नकार दिया. बाद में देर शाम को सात लाख रुपया सहयोग राशि देने एवं क्रिया क्रम के लिए 50 हजार रुपये देने तथा दो पुत्र को कंपनी में हेल्पर के पद पर नियोजन देने पर सहमति बनी. छोटा पुत्र अनिल कुमार को वार्ता में बनी सहमति पत्र सौंपा गया. इसके बाद गांधीनगर थाना प्रभारी धनंजय कुमार सिंह ने शव को ढोरी केंद्रीय अस्पताल के मॉर्चुरी में रखवाया .मौके पर मैनेजर सुमेधानंदन, कार्मिक प्रबंधक रमेश कुमार, जिप सदस्य टीनू सिंह, श्रमिक प्रतिनिधि सुबोध सिंह पवार, आफताब आलम खान, विजय कुमार भोई, मनोज पासवान, संतोष कुमार, अहमद हुसैन, रोशन सिंह, आजसू नेता संतोष महतो, वुचू सिंह, हेमंत तांती, कृष्णा महतो, वीरू हरि, मुखिया प्रतिनिधि सनत कुमार, मुन्ना सिंह, पंसस नारायण महतो, दीपक गोप, गुलाम जिलानी, रोशन महतो,बीरबल रवानी, अजय हरि आदि उपस्थित थे.
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