कोषागार घोटाले की जांच को लेकर जिला के शिक्षकों को ढाई महीने से वेतन नहीं मिला है. इसको लेकर जिले के प्राथमिक, माध्यमिक और उच्चतर माध्यमिक शिक्षकों में उबाल है. मामले को लेकर रविवार को शिक्षकों के संघों की संयुक्त बैठक चास डीएसइ कार्यालय परिसर में हुई. निर्णय लिया गया कि जब तक वेतन भुगतान नहीं किया जाता है, तब प्राथमिक, माध्यमिक और प्लस टू के शिक्षक जनगणना कार्य शुरू नहीं करेंगे. 12 मई से प्रतिदिन दो बजे से शिक्षक उपायुक्त कार्यालय पर जमा होकर घंटी बजायेंगे और नारेबाजी करेंगे. जनगणना किट वितरण स्थल से कीट प्राप्त करने शिक्षक नहीं जायेंगे. 16 मई को जिला शिक्षा अधीक्षक कार्यालय से जुलूस निकाला जायेगा और उपायुक्त कार्यालय पर प्रदर्शन करेंगे. इसके बाद भी समस्या का समाधान नहीं होने पर आंदोलन की घोषणा की जायेगी.
सहायक आचार्यों को वेतन भुगतान करने की प्रक्रिया शुरू नहीं करने पर रोष
शिक्षकों ने कहा कि जिले में 441 सहायक आचार्यों को उनकी नियुक्ति के नौ माह बीत बाद भी वेतन भुगतान करने की प्रक्रिया शुरू नहीं की गयी है. इससे वे आर्थिक परेशानियों में घिर चुके हैं. बैठक को अखिल झारखंड प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रदेश महासचिव राम मूर्ति ठाकुर, जिला अध्यक्ष राजू साहू, झारखंड राज्य माध्यमिक शिक्षक संघ के जिला अध्यक्ष वासुदेव सिंह चौधरी, जिला सचिव मुफीद आलम, झारखंड प्लस टू शिक्षक संघ के जिला अध्यक्ष पंकज कुमार सिंह, जिला महासचिव अवनीश कुमार झा, उच्च प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष रूपेश गुप्ता ने संबोधित किया. मौके पर जिले भर के सैकड़ों शिक्षक थे.
