बीएसएल में 40 प्रतिशत ठेका मजदूरों की छंटनी के खिलाफ रविवार को बोकारो इस्पात कामगार यूनियन एटक से संबंधित ठेका मजदूरों ने मोटरसाइकिल जुलूस निकाला और आर-पार की लड़ाई की घोषणा की. इस दौरान महामंत्री रामाश्रय प्रसाद सिंह ने कहा कि सेल की काॅन्टेक्ट पद्धति में सुधार की आवश्यकता है. 40% मजदूरों की छंटनी बेरोजगारी को बढ़ावा देगी. जो हालात बनाये गये हैं, वह भयानक रूप ले सकता है. पहले 20 प्रतिशत ठेका मजदूरों को हटाने की बात थी. जुलूस का नेतृत्व प्राण सिंह ने किया. मौके पर मोइन आलम, ओम प्रकाश, ईश्वर दयाल, लोबीन मांझी, सादे महतो, सत्येंद्र, सनातन प्रताप, वीरेंद्र महतो, विरेंद्र मोहाली, डी सोरेन, अक्षय मंडल, रामबाबू, रवि कुमार, सोनाराम मांझी, संदीप महतो, दिलीप कुमार, जयराम कुमार, केडी सिंह, आनंद कुमार, वीरेंद्र मोदी, सकलदेव, अजय कुमार, संजीव सिंह, शंकर सिंह, कार्तिक, विजय, आकाश, वीरेन महतो आदि मौजूद थे.
निदेशक प्रभारी को सौंपा मांग पत्र
धनबाद सांसद ढुलू महतो के प्रतिनिधि श्याम बाबू गुप्ता व विनेश नायक रविवार को बीएसएल के निदेशक प्रभारी प्रियरंजन से मिले और मांग पत्र सौंपा. इसके माध्यम से कहा कि 40 प्रतिशत ठेका मजदूरों को काम से निकालने का प्रस्ताव प्रबंधन को फौरन वापस लेना चाहिए. इस प्रस्ताव से मजदूरों में अनिश्चितता का माहौल है. इसका असर काम व उत्पादन पर होगा. श्री गुप्ता ने गरगा डैम को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने, बोकारो औद्योगिक क्षेत्र की इकाइयों को क्षमता के अनुरूप काम देने, बोकारो इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के निर्माण की दिशा में सकारात्मक पहल करने, कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान करने, बोकारो जनरल अस्पताल को सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल के रूप में विकसित करने, विशेषज्ञ डॉक्टर समेत पैरामेडिकल स्टाफ की नियुक्ति, बोकारो स्टील की कॉलोनी में दो टाइम पानी की आपूर्ति, नियमित रूप से बिजली की आपूर्ति, बोकारो एयरपोर्ट के परिचालन की दिशा में सकारात्मक पहल करने के बात कही. श्री गुप्ता ने बताया कि निदेशक प्रभारी ने मांगों को लेकर आश्वासन दिया है. विस्थापित अप्रेंटिस संघ व मृत कर्मचारी आश्रित संघ के मांगों को लेकर प्रबंधन गंभीर है. निकट भविष्य में इसका सकारात्मक परिणाम दिखेगा. प्लांट के विस्तारीकरण व आधुनिकीकरण में लगी कंपनियों को स्थानीय युवाओं को रोजगार देने का निर्देश दिया गया है.
