फुसरो. बैदकारो के विस्थापितों और सीसीएल बीएंडके एरिया प्रबंधन की वार्ता शुक्रवार को करगली ऑफिसर क्लब में पूर्व में दिये गये 11 सूत्री मांग पत्र को लेकर हुई. विस्थापितों की ओर से कहा गया कि कारो परियोजना के लिए बैदकारो मौजा में अधिग्रहित कुल रकवा के बदले पैकेज के आधार पर नियोजन दिया जाये. जिन विस्थापितों की भूमि सत्यापित हो चुकी है, उन्हें अतिशीघ्र नियोजन दिया जाये. बाकी जमीनों का सत्यापन कराया जाये. एनजीओ द्वारा सर्वे करा कर परियोजना प्रभावित लोगों कार्ड निर्गत कराया जाये. कारो परियोजना में कार्य कर रही ठेका कंपनी में बैदकारो मौजा के कुशल व अकुशल श्रमिकों और योग्यता के आधार पर नियोजन दिया जाये. परियोजना में कोयले के लोकल सेल का सुचारू रूप से संचालन हो. विस्थापितों के लिए आरआर पॉलिसी 2012-14 के तहत जीविकोपार्जन के लिए व्यवस्था की जाये. बैदकारो मौजा में खाता संख्या 83 का प्लॉट संख्या 55 व 56 हम रैयतों का है. बगैर आमसभा किये एनओसी प्रबंधन को कैसे प्राप्त हुआ है, उसकी उच्चस्तरीय जांच करायी जाये. रैयत विस्थापितों का व्यक्तिगत ट्रक, जेसीबी, लाइट व्हिकल, पेलोडर आदि भाड़ा पर ठेका कंपनी में लगाया जाये. कारो सीम इंक्लाइन से बैदकारो पानी टंकी तक रोडा में लाइट की व्यवस्था हो. सीएसआर फंड से बैदकारो व चरकपनिया आदि गांवों में प्राथमिकता के आधार पर विकास कार्य कराया जाये. मांगों को लेकर प्रबंधन की ओर से 15 दिन का समय लिया गया. इसके बाद विस्थापितों ने तीन मार्च से किया जाने वाला आंदोलन स्थगित कर दिया. विस्थापितों ने कहा कि अगर प्रबंधन मांगों पर पहल नहीं करेगा तो आंदोलन की अगली रणनीति बनायेंगे. वार्ता में प्रबंधन की ओर से जयशंकर प्रसाद, एसके सिन्हा, एसके झा, बीके ठाकुर, चिंतामन मांझी, आरपी यादव, एम महेश्वरी, अनुपम कुमार और विस्थापित नेता दिगंबर महतो, बन्नू महतो, फूलचंद महतो, ईश्वर महतो, कार्तिक महतो, बासुदेव महतो, टेकलाल महतो, मुखिया सीमा महतो, वार्ड सदस्य यशोदा देवी, पिंकी देवी, धनेश्वरी देवी, पूनम देवी, हरलाल महतो, किशोर महतो, राजेश महतो, तुलसी महतो, अशोक महतो आदि मौजूद थे.
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