बोकारो का पारा 41-42 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया है. चिलचिलाती धूप व उमस भरी गरमी से आदमी के साथ जानवर भी परेशान हैं. बीएसएल की ओर से सेक्टर 04 में संचालित जवाहरलाल नेहरू जैविक उद्यान में पशु-पक्षियों को गर्मी से राहत देने के लिए समर ट्रीटमेंट दिया जा रहा है. गर्मी से बचाने के लिए तरह-तरह के जतन किये जा रहे हैं. चिड़ियाघर प्रबंधन ने सभी बाड़ों को छायादार बनाया है, ताकि हिरण, सांभर जैसे जानवर धूप से बच कर आराम कर सके. इन जानवरों को ताजा हरी घास भी लगातार दी जा रही है. तेंदुआ-भालू के बाड़ों में कूलर-पंखे लगाये गये हैं. बंदरों को तरबूज और हरी सब्जियां व ताजा मौसमी फल दिये जा रहे हैं. वहीं, पक्षियों के लिए छोटे बर्तनों में पानी रखा गया है, जिसमें जरूरी विटामिन और इलेक्ट्रोलाइट्स मिलाया जाता है. दरियाई घोड़े (हिप्पोपोटामस) के बाड़े के पास बने तालाब को पूरी तरह पानी से भर दिया गया है. सभी जानवरों की नियमित स्वास्थ्य जांच भी हो रही है.
आवश्यकतानुसार विटामिन सप्लीमेंट व ग्लूकोज
दरियाई घोड़े को बी-कॉम्प्लेक्स दिया जा रहा है, तो भालू अपने बाड़ों के अंदर पानी भरे पुल में तैर रहे हैं. जानवरों के आराम के लिए उनके बाड़ों के कंक्रीट फर्श को पानी डालकर धोया जा रहा है. पीने के लिए दिये जा रहे पानी में ग्लूकोज मिलाया जा रहा है. भालू और बंदर सहित अन्य को खीरा-तरबूज दिया जा रहा है. पक्षियों को अतिरिक्त सुरक्षा देने के लिए चिड़ियाघर के स्टाफ ने एवियरी की छतों पर पुआल और ताड़ के पत्ते बिछाये हैं. सुबह-सुबह जानवरों को भोजन परोसा जा रहा है और उनके आहार में अधिक रसीले खाद्य पदार्थ शामिल किये जा रहे हैं. जानवरों को आवश्यकता के अनुसार विटामिन सप्लीमेंट और ग्लूकोज दिया जा रहा है.
