विद्यार्थी अधिकतम तीन विषयों में बेहतर प्रदर्शन के लिए दूसरी परीक्षा दे सकेंगे और दोनों में से बेहतर अंक ही अंतिम मार्कशीट में शामिल किए जाएंगे. दूसरी परीक्षा में बैठने के लिए छात्र का पहली बोर्ड परीक्षा में उपस्थित होना जरूरी है. कोई छात्र पहली परीक्षा में अनुपस्थित रहा, तो वह दूसरी परीक्षा नहीं दे सकता. दूसरी परीक्षा केवल उन विषयों के लिए है, जिनमें छात्र अपने अंकों में सुधार करना चाहते हैं.
सीबीएसई की 10वीं के विद्यार्थियों के लिए दो बार परीक्षा की प्रणाली अत्यंत महत्वपूर्ण
सीबीएसई के सिटी कोऑर्डिनेटर (बोकारो), डीपीएस बोकारो के प्राचार्य व डॉ. राधाकृष्णन सहोदया स्कूल कॉम्प्लेक्स बोकारो के अध्यक्ष डॉ. एएस गंगवार ने सोमवार को बताया : सीबीएसई की 10वीं के विद्यार्थियों के लिए दो बार परीक्षा की प्रणाली अत्यंत महत्वपूर्ण है. एनईपी-2020 की भावना के अनुरूप यह छात्र-हितैषी कदम है, जिससे विद्यार्थियों में परीक्षा का तनाव कम होगा. दो-परीक्षा प्रणाली छात्र-छात्राओं को एक मुख्य परीक्षा और एक अंक में सुधार के लिए दूसरा मौका देती है. इसका सीधा लाभ यह होगा कि अगर किसी कारणवश पहली बार में विषय-विशेष की परीक्षा थोड़ी खराब चली जाती है, तो उसे दूसरे अवसर में वे सुधार कर अपना प्रदर्शन बेहतर कर सकते हैं वह भी बिना पूरे शैक्षणिक सत्र की संरचना बदले.17 फरवरी से शुरू होकर 09 अप्रैल 2026 तक संचालित होगी 12वीं बोर्ड की परीक्षा
डॉ. गंगवार ने बताया कि सीबीएसई 10वीं बोर्ड की पहली परीक्षा 17 फरवरी से 10 मार्च तक तथा दूसरे अवसर की परीक्षाएं 15 मई 2026 से 01 जून 2026 के बीच होंगी. 12वीं बोर्ड की परीक्षाएं 17 फरवरी से शुरू होकर 09 अप्रैल 2026 तक संचालित की जाएंगी. सीबीएसई ने प्रशासनिक कारणों से 10वीं और 12वीं कक्षा की तीन मार्च को निर्धारित परीक्षाओं की तिथियों में बदलाव किया है. 10वीं कक्षा की जो परीक्षा पहले 03 मार्च को आयोजित होनी थी, वह अब 11 मार्च को होगी. वहीं, इसी दिन प्रस्तावित 12वीं कक्षा की परीक्षा को पुनर्निर्धारित कर 10 अप्रैल कर दिया गया है. अन्य सभी विषयों की परीक्षाओं की तिथियों में कोई बदलाव नहीं किया गया है. डॉ. गंगवार ने विद्यार्थियों को तनावमुक्त होकर धैर्य, परिश्रम व लगन के साथ तैयारी करने का संदेश दिया.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
