सदर अस्पताल का निरीक्षण मंगलवार को प्रशिक्षु आईएएस अरविंद राधाकृष्णन ने सदर डीएस डॉ एनपी सिंह, आइसीयू-सीसीयू इंचार्ज डॉ सौरव सांख्यान, शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ पंकज भूषण के साथ किया. लैब्रोटरी में चल रहे सिकल सेल एनीमिया व थैलेसीमिया स्क्रीनिंग के लिए उपलब्ध मशीन की जानकारी ली.
स्क्रीनिंग व्यवस्था को प्रभावी ढंग से संचालित करने व अधिक से अधिक लोगों को लाभ दिलाने को लेकर जरूरी निर्देश दिया. उन्होंने कहा जिले में सिकल सेल एनीमिया व थैलेसीमिया की समय पर पहचान व स्क्रीनिंग को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की जा रही है.
समय रहते पहचान में आएगी बीमारी
विकास सारथी, सीआइएल व जेएचपीआइईजीओ के सहयोग से जिले के स्वास्थ्य संस्थानों में स्क्रीनिंग की सुविधा को सुदृढ़ किया जायेगा. इसके लिए कुल 14 स्क्रीनिंग मशीन उपलब्ध करायी जायेगी. साथ ही दो आरबीएसके (राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम) इकाइयों को भी आवश्यक सहयोग प्रदान किया जायेगा.
सिकल सेल एनीमिया व थैलेसीमिया की प्रारंभिक अवस्था में पहचान कर प्रभावित व्यक्तियों को समय पर आवश्यक परामर्श, जांच व उपचार से जोड़ना प्रमुख उद्देश्य है. विशेष रूप से बच्चों व युवाओं की स्क्रीनिंग के माध्यम से संभावित मामलों की समय रहते पहचान करने में व्यवस्था महत्वपूर्ण भूमिका निभायेगी.
ग्रामीण व दूरस्थ क्षेत्रों के लोगों को मिलेगा लाभ
प्रशिक्षु आईएएस अरविंद राधाकृष्णन ने कहा स्वास्थ्य संस्थानों में स्क्रीनिंग की क्षमता बढ़ने से ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को स्थानीय स्तर पर जांच की सुविधा मिल सकेगी. स्क्रीनिंग के दौरान संदिग्धों को जरूरत के अनुसार आगे की जांच व उपचार के लिए संबंधित स्वास्थ्य संस्थानों से जोड़ा जायेगा.
इसके लिए सीएसआर के तहत आवश्यक किट व संसाधन भी उपलब्ध कराया जायेगा. इससे जिले में व्यापक स्तर पर सिकल सेल एनीमिया व थैलेसीमिया की स्क्रीनिंग हो सकेगी.
