Bokaro News : विरोध के कारण शुरू नहीं हो सकी बरवाबेड़ा गांव की शिफ्टिंग

Bokaro News : सीसीएल के बीएंडके एरिया अंतर्गत एकेके माइंस विस्तार को लेकर बरवाबेड़ा गांव की शिफ्टिंग मंगलवार को गोविंदपुर, राजा बाजार, नूरी नगर ओर नयी बस्ती के विस्थापितों के भारी विरोध के कारण शुरू नहीं की जा सकी.

बोकारो थर्मल. सीसीएल के बीएंडके एरिया अंतर्गत एकेके माइंस विस्तार को लेकर बरवाबेड़ा गांव की शिफ्टिंग मंगलवार को गोविंदपुर, राजा बाजार, नूरी नगर ओर नयी बस्ती के विस्थापितों के भारी विरोध के कारण शुरू नहीं की जा सकी. काफी संख्या में बरवाबेड़ा गांव के लोग पुनर्वास को लेकर कारो स्पेशल फेज दो के पास पुनर्वास स्थल पहुंचे थे. रैयतों के विरोध का अंदेशा को लेकर डीसी के निर्देश पर बेरमो सीओ संजीत कुमार को दंडाधिकारी नियुक्त किया गया था. एरिया जीएम चितरंजन कुमार, भूमि मामलों के अधिकारी बीके ठाकुर, सीआइएसएफ अधिकारी व जवान सहित बोकारो थर्मल थाना के अनि धनंजय सिंह, मनोज कुमार सिंह, सअनि पंकज कुमार भारद्वाज जवानों के साथ मुस्तैद थे. सीसीएल अधिकारियों की ओर से जमीन की खुदाई को लेकर तीन जेसीबी भी लायी गयी थी. जैसे ही जमीन की मार्किंग शुरू की गयी, रैयत विस्थापितों ने आकर कार्य बंद करा दिया. पूर्व से चले आ रहे मामले का निष्पादन करने के बाद ही कार्य शुरू करने की बात कही.

अंतिम वार्ता चार जनवरी क

बाद में सीओ के आने पर वार्ता शुरू की गयी. विस्थापित बालेश्वर यादव, जानकी महतो, डॉ दशरथ महतो आदि ने कहा कि रैयतों ने सीसीएल को अपनी जमीन कोयला उत्खनन के लिए दी थी, ना कि पुनर्वास को लेकर. कोल बेयरिंग एक्ट में इस प्रकार का प्रावधान नहीं है. इसके बावजूद सीसीएल प्रबंधन ने अधिग्रहित जमीन बोकारो थर्मल में संत पॉल मॉडर्न स्कूल,आइएसएल एवं फेज दो में वेटगे पब्लिक स्कूल को दे रखी है. अनवर आलम ने कहा कि एरिया में साढ़े चार सौ सीसीएल आवासों पर कब्जा है, जिसे खाली करा कर बरवाबेड़ा के लोगों को बसाया जा सकता है. मंजूर आलम ने कहा कि विस्थापित रैयतों को किसी प्रकार के रोजगार और खासमहल में चलने वाले लोकल सेल सहित अन्य कामों में भागीदारी नहीं दी जाती है. रोशन आरा, इनाम अंसारी,अब्दुल लतीफ आदि ने कहा कि सीसीएल ने उन्हें नौकरी और मुआवजा से वंचित रखा है. सीओ ने कहा कि सभी की समस्याओं का निराकरण किया जायेगा. तिथि तय कर एसडीएम की अध्यक्षता में वार्ता होगी, जो अंतिम वार्ता होगी. बाद में सीओ ने एसडीएम से बात की और चार जनवरी की तिथि वार्ता के लिए निर्धारित की गयी. कहा कि रैयत विस्थापित अपने-अपने कागजात दो सेट में तैयार कर लें और एक प्रति सीसीएल प्रबंधन को तथा एक प्रति एसडीएम को मुहैया करा दें.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat khabar news desk

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।
Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >