बोकारो.
लोकसभा आम निर्वाचन 2024 के दौरान संपूर्ण चास अनुमंडल व बेरमो अनुमंडल क्षेत्र में शांति व्यवस्था कायम रखने, निष्पक्ष चुनाव के आचरण व अनुकूल, स्वस्थ व शांतिपूर्ण माहौल बनाये रखने के लिए चुनाव प्रक्रिया की समाप्ति होने पर पुन: चास एसडीओ ओम प्रकाश गुप्ता व बेरमो एसडीओ अशोक कुमार की ओर से दोनों अनुमंडल क्षेत्रों में धारा 144 जारी कर दी गयी है. दोनों एसडीओ की ओर से जारी आदेश पत्र 17 मई की रात्रि से ही प्रभावी होगा. इसे लेकर रविवार को संयुक्त रूप से प्रेस बयान जारी किया गया. ज्ञात हो कि दोनों क्षेत्र के एसडीओ ने धारा 144 के तहत निषेधाज्ञा लागू की थी, जो 16 मई की रात्रि में समाप्त हो चुकी थी, परंतु चुनाव प्रक्रिया अभी जारी है. इस कारण धारा 144 की अवधि बढ़ायी गयी है.धारा 144 के दौरान रखें इन बातों का ध्यान :
चास-बेरमो अनुमंडल क्षेत्र में किसी प्रकार के घातक हथियार, अग्नेयास्त्र या विस्फोटक पदार्थ लाने व ले जाने पर प्रतिबंध. यह निषेधाज्ञा सरकारी पदाधिकारी, कर्मचारी/पुलिस पदाधिकारी, कर्त्तव्य पर तैनात पुलिस बल पर, नेपालियों द्वारा खुखरी धारण व सिखों द्वारा कृपाण रखने पर लागू नहीं होगा. यह निषेधाज्ञा शव यात्रा, शादी-विवाह/मांगलिक कार्य पर लागू नहीं होगी. चास-बेरमो अनुमंडल क्षेत्र में ध्वनि विस्तारक यंत्र का उपयोग रात्रि 10 बजे से सुबह छह बजे तक प्रतिबंधित किया गया है. यह शर्त मंदिर, मस्जिद, गुरुद्वारा या धार्मिक स्थलों पर लागू नहीं होगी. किसी सार्वजनिक, सरकारी संपत्ति पर नारा लिखना, पोस्टर, पंपलेट चिपकाना, पार्टी विशेष का झंडा लगाना, सार्वजनिक सड़कों पर बैनर लगाना, होर्डिंग लगाना व तोरण द्वार लगाना प्रतिबंध होगा. मतदान को प्रभावित करने के लिए धार्मिक, सांप्रदायिक या जातीय भावनाओं का सहारा नहीं लिया जायेगा. किसी भी धार्मिक स्थान मंदिर, मस्जिद, गिरजाघर, गुरुद्वारा आदि का उपयोग निर्वाचन प्रचार के लिए नहीं किया जायेगा. किसी उम्मीदवार के व्यक्तिगत जीवन के ऐसे पहलुओं की आलोचना नहीं की जानी है. मतदान के दिन मतदान समाप्ति के 48 घंटे पूर्व सार्वजनिक सभा करना वर्जित है.मतदाताओं को रिश्वत या किसी प्रकार का पारितोषिक देना आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन की श्रेणी में आयेगा. मतदान केंद्र के 100 मीटर के अंदर किसी प्रकार का चुनाव प्रचार करना या मत संचयन करना आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन माना जायेगा. विधि द्वारा स्थापित विशेष परिस्थिति को छोड़कर मतदाताओं को मतदान केंद्र तक लाने या ले जाने के लिए वाहनों का उपयोग करना वर्जित किया जाता है. मतदान के दो दिन पूर्व से लेकर मतदान के दिन तक किसी उम्मीदवार द्वारा न तो शराब व अन्य नशीली पेय पदार्थ खरीदी जाए. न ही उसे किसी को पेश या वितरित किया जाए. प्रत्येक उम्मीदवार द्वारा अपने कार्यकर्ताओं को भी ऐसा करने से रोकना होगा. किसी भी उम्मीदवार द्वारा किसी भी व्यक्ति की भूमि, भवन या दीवार का उपयोग झंडा टांगने, पोस्टर चिपकाने, नारे लिखने आदि प्रचार कार्यों के लिए लिखित अनुमति के बगैर नहीं किया जायेगा.
किसी हाट, बाजार, या भीड-भाड़ वाले सार्वजनिक स्थल पर चुनाव सभा के आयोजन के लिए सक्षम प्राधिकारी से पूर्व अनुमति ली जायेगी. स्थानीय पुलिस थाने में ऐसे सभाओं के आयोजन की पूर्व सूचना दी जायेगी, ताकि शांति व व्यवस्था बनाये रखने व यातायात को नियंत्रित करने के लिए पुलिस आवश्यक प्रबंध कर सकें. हर उम्मीदवार को किसी अन्य उम्मीदवार द्वारा आयोजित सभा या जुलूस में किसी प्रकार की गड़बड़ी करने या बाधा डालने से अपने कार्यकर्ताओं तथा समर्थकों को रोकना होगा. यदि दो भिन्न-भिन्न दलों या उम्मीदवारों द्वारा आस-पास स्थित स्थानों में सभाएं की जा रही है, तो ध्वनि विस्तारक यंत्रों के मुंह विपरीत दिशा में रखने होंगे.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
