प्रिंस खान, अमन साहू, राहूल दूबे व मयंक सिंह गिरोह के लिए बोकारो में व्यवसायियों से रंगदारी वसूली का खेल प्रकाश शुक्ला ने शुरू किया था. शुक्ला ने बीएस सिटी थाना क्षेत्र के को-ऑपरेटिव कॉलोनी के प्रिंस गुप्ता उर्फ भाटिया के जरिये सात युवकों का एक गैंग तैयार किया था. अब तक किसी ने प्रकाश शुक्ला को नहीं देखा है. गैंग के सातों सदस्यों की गिरफ्तारी के बाद बोकारो एसपी हरविंदर सिंह द्वारा बनायी गयी एसआइटी प्रकाश शुक्ला को तलाशने में जुट गयी है. पुलिस यह भी पता लगा रही है कि प्रिंस गुप्ता उर्फ भाटिया गिरोह के सदस्य चारों गैंग के मुखिया के संपर्क में कब आये. गैंग को पूरी तरह कौन ऑपरेट कर रहा था. कौन गैंग लगातार मोबाइल कॉल, इंटरनेट कॉलिंग या डार्क वेब के जरिये प्रिंस गुप्ता गैंग के संपर्क में थे या गैंग को आदेश दे रहा था. एसपी हरविंदर सिंह ने कहा कि बोकारोवासियों को चिंतित होने की जरूरत नहीं है. पुलिस के रडार पर हर अपराधी है. प्रिंस खान, राहुल गैंग, अमन साव, मयंक सिंह हो या कोई अन्य गैंग, सभी को समाप्त किया जायेगा. लगातार अपराधी व अपराध पर अंकुश लगाया जा रहा है.
एसपी पहुंचे मुठभेड़ स्थल
शुक्रवार को बोकारो एसपी बालीडीह थाना क्षेत्र के गोडाबाली पहाड़ी पहुंचे, जहां गुरुवार को प्रिंस गुप्ता उर्फ भाटिया के साथ पुलिस की मुठभेड़ हुई थी. मौके पर एसआइटी प्रमुख सिटी डीएसपी आलोक रंजन, मुख्यालय डीएसपी अनिमेष कुमार गुप्ता, बालीडीह इंस्पेक्टर नवीन कुमार सिंह, बीएस सिटी इंस्पेक्टर सुदामा कुमार दास सहित अन्य पुलिस अधिकारी भी थे. एसपी ने जांच को त्वरित गति से बढ़ाने का निर्देश दिया. बताया कि 16 मार्च को प्रिंस गुप्ता गैंग ने ही लोहा व्यवसायी रितेश सिंह को पांच करोड़ की रंगदारी के लिए धमकी दी थी. बोकारो में दहशत फैलाने के उद्देश्य से गैंग ने दो देशी लोडेड कट्टा, एक 7.65 एमएम का लोडेड पिस्टल, प्वाइंट 315 एमएम की दो जिंदा गोली, दो पीस कारबाइन का मैगजीन, 7.65 एमएम की आठ जिंदा गोली जमा कर रखा था. विभिन्न थानों में प्रिंस पर 10, श्याम पर पांच, अजय पर पांच, जैनेंद्र पर एक, गोलू पर दो, भूपेंद्र पर तीन आपराधिक मामले दर्ज हैं. ओमप्रकाश पर एक भी मामला दर्ज नहीं है.
