5 माह से लापता संतोष कुमार का कोई पता नहीं, परिवार ने रखा 2 लाख का इनाम

Bokaro: सेक्टर 6 से लापका लैब टेक्नीशियन संतोष कुमार का पांच माह से ज्यादा समय के बाद भी कोई पता नहीं चल पाया है. पुलिस ने हर स्तर पर प्रयास कर देख लिया, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ. अब परिजनों ने 2 लाख का इनाम रखा है.

Bokaro: सेक्टर 6 थाना क्षेत्र से 27 अगस्त-2025 से लापता लैब टेक्नीशियन संतोष कुमार को खोजने में अब तक बोकारो पुलिस नाकाम रही है. परिजनों ने संतोष के बारे में सूचना देनेवालों को दो लाख रुपये देने की घोषणा की है. इस घोषणा से संबंधित एक वीडियो परिजनों ने सोशल मीडिया पर जारी की है. सेक्टर 6 थाना प्रभारी इंस्पेक्टर संगीता कुमारी सहित कई थानेदारों की टीम ने लापता संतोष को खोजने के लिए डॉग स्क्वायड का सहारा लिया. डॉग सेक्टर 11 के जंगल में जाकर घूमता रहा. कई दिनों तक डॉग स्क्वायड को घुमाया गया, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ. ड्रोन कैमरा का सहारा लिया गया. सेक्टर 11 के सुनसान पड़े एक-एक ब्लॉक को छान मारा गया. सेक्टर 6 से लेकर शहर के सभी चौक-चौराहों का सीसीटीवी फुटेज देखा गया, लेकिन सभी प्रयास विफल रहे.

एसआइटी भी संतोष को खोजने में नाकाम

संतोष को खोजने के लिए एसपी हरविंदर सिंह ने एसआइटी (10 सितंबर 20025 को गठित) का गठन किया. सिटी डीएसपी आलोक रंजन के नेतृत्व में एसआइटी ने कई बार आवास से लेकर सेक्टर 11 तक चक्कर काटा. सेक्टर 6 में प्रवेश करने वाले मुख्य रास्ते सहित आसपास के सभी सीसीटीवी कैमरों के फुटेज की जांच की गई. संतोष के मित्रों से मुलाकात की. संतोष की बैठकी वाले कई जगहों का निरीक्षण किया गया. क्षेत्र के कई प्रमुख स्थानों की छानबीन की गई. संतोष के रोजमर्रा के संपर्क में रहनेवाले कई लोगों का कांट्रेक्ट नंबर और नाम नोट किया गया. बिहार में छापेमारी की गई.

27 अगस्त की सुबह घर से निकला और फिर नहीं लौटा

इसके साथ ही एक महिला को कब्जे में लेकर पूछताछ की गई. इसके बाद भी अब तक संतोष का कुछ पता नहीं चला. मामले की गंभीरता से जांच के लिए कांग्रेस के तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष राजेश ठाकुर ने एसपी से बात भी की. स्वास्थ्य कर्मियों ने जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग को ज्ञापन देकर लापता संतोष को खोजने के लिए दबाव भी बनाया, लेकिन अब तक कोई नतीजा सामने नहीं आ पाया. बता दें कि संतोष 27 अगस्त 2025 की सुबह 6.30 बजे के करीब अपने आवास से निकले. इसके बाद नहीं लौटे. संतोष पिंड्राजोरा सरकारी अस्पताल में लैब टेक्नीशियन के पद पर कार्यरत हैं.

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By AmleshNandan Sinha

अमलेश नंदन सिन्हा प्रभात खबर डिजिटल में वरिष्ठ पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता में 20 से अधिक वर्षों का अनुभव है. रांची विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई करने के बाद से इन्होंने कई समाचार पत्रों के साथ काम किया. इन्होंने पत्रकारिता की शुरुआत रांची एक्सप्रेस से की, जो अपने समय में झारखंड के विश्वसनीय अखबारों में से एक था. एक दशक से ज्यादा समय से ये डिजिटल के लिए काम कर रहे हैं. झारखंड की खबरों के अलावा, समसामयिक विषयों के बारे में भी लिखने में रुचि रखते हैं. विज्ञान और आधुनिक चिकित्सा के बारे में देखना, पढ़ना और नई जानकारियां प्राप्त करना इन्हें पसंद है.

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