Bokaro News : छोटे मामलों में सामाजिक व्यवस्था का सहारा लें
जमीन विवाद, मारपीट, घरेलू हिंसा सहित अन्य छोटे स्तर के मामले को सलटाने के लिए सामाजिक व्यवस्था का सहारा लेने की जरूरत है. छोटे मामले में सीधे थाना और कोर्ट का चक्कर नहीं लगाना चाहिए. आपसी बातचीत से गंभीर मामले तक सुलझते हैं. कई लोग छोटे-छोटे मामले को लेकर कोर्ट जाते है. इसमें वर्षों लग जाता है. कोर्ट पर भी अतिरिक्त बोझ बढ़ता है. आमलोगों को कानूनी रूप से जागरूक होने की जरूरत है. यह बातें रविवार को प्रभात खबर ऑनलाइन लीगल काउंसेलिंग में बोकारो सिविल कोर्ट की वरीय अधिवक्ता राजश्री ने कही. ””प्रभात खबर”” लीगल काउंसलिंग में धनबाद, बोकारो, गिरिडीह, कोडरमा, बगोदर सहित अन्य जगहों के पाठकों के लगातार फोन आते रहे. सुश्री राजश्री ने सभी के सवालों के जवाब दिये. समाधान की राह बतायी.
चास की विजेता का सवाल :
पति ने गारंटर बन कर एक परिचित व्यक्ति को तीस हजार रुपये कर्ज दिलाया. इसके एवज में स्वहस्ताक्षरित एक ब्लैंक चेक कर्ज देने वाले को दिया था. अब कर्ज लेने वाला व्यक्ति कर्ज लौटाने में देर कर रहा है. कर्ज देने वाले व्यक्ति ने मेरे पति का ब्लैंक चेक का इस्तेमाल कर मेरे पति को कानूनी परेशानी में डाल दिया है.
अधिवक्ता की सलाह :
पति को सबसे पहले कोर्ट से बेल लेना होगा. कानूनी प्रक्रिया से गुजरना होगा. कोर्ट में कर्ज लेने वाला व्यक्ति बयान दे देगा कि कर्ज मैंने लिया है. ब्लैंक चेक देनेवाले व्यक्ति केवल गारंटर है, तो मामला सरल हो जायेगा.
कोडरमा के हराधन महतो का सवाल :
दुकान से सामान की खरीदारी की. रसीद नहीं ले पाये. सामान खराब है. ऐसे में क्या किया जा सकता है.
अधिवक्ता की सलाह :
बिना रसीद के आप उपभोक्ता फोरम में नहीं जा सकते हैं. रसीद लेने का प्रयास करें, ताकि फोरम से न्याय मिल पाये.
गिरिडीह के संजय कुमार का सवाल :
उपभोक्ता फोरम से लाभ लेने के लिए क्या करना पड़ता है.
अधिवक्ता की सलाह :
उपभोक्ता फोरम में ऑनलाइन शिकायत की जा सकती है. इसके बाद संपर्क करने पर सही जानकारी मिलेगी.
कोडरमा के प्रांजल कुमार का सवाल :
घर में जमीन का बंटवारा किया गया है. मुझे मनोनुकूल जमीन नहीं मिली. क्या करना होगा.
अधिवक्ता की सलाह :
पहले आपसी समन्वय बना कर हल निकालने का प्रयास करें. ऐसा नहीं होने पर न्यायालय की शरण में जाये.
बोकारो के सुजल कुमार का सवाल
:
मेरे साथ साइबर फ्राड हुआ है. कहां जाकर शिकायत दर्ज करानी होगा
अधिवक्ता की सलाह :
बोकारो के सेक्टर वन में साइबर थाना है. वहां जाकर अपनी समस्या आवेदन के माध्यम से विस्तार से रखें.
बोकारो विजय कुमार का सवाल :
आर्थिक रूप से कमजोर परिवार से हूं. दसवीं कक्षा तक की पढ़ाई की है. आगे पढ़ाई के लिए सरकार की मदद लेने के लिए करना चाहता हूं. क्या करना होगा.
अधिवक्ता की सलाह :
जिला कल्याण पदाधिकारी से संपर्क करें. प्रधानमंत्री स्कीम मेरिट के तहत छात्रवृति का प्रावधान केंद्र व राज्य स्तर पर है. इसका लाभ लिया जा सकता है.
गिरिडीह के संजय कुमार का सवाल :
मेरे दादा जी ने
मेरे बड़े पापा के पुत्र के नाम वसीयत कर दी है. अब क्या हो सकता है.
अधिवक्ता की सलाह :
पैतृक संपत्ति में कोई भी व्यक्ति वसीयत नहीं कर सकता है. यदि दादा जी के
पिता ने संपत्ति अर्जित की है, तो कोर्ट में अर्जी लगाने से वसीयत टूट जायेगी.
धनबाद कुसुमडीह के संजय कुमार चौहान का सवाल :
धनबाद में अपार्टमेंट लिया था. एग्रीमेंट के तहत पार्किंग देना था. परंतु परेशान किया जा रहा है. पार्किंग की व्यवस्था कैसे मिलेगी.
अधिवक्ता की सलाह :
रेरा (रियल इस्टेट रेग्युलेशन ऑथाेरिटीज) में आवेदन देकर समस्या रख सकते हैं. आपकी समस्या का समाधान त्वरित गति से होगा.
बोकारो के प्रेम प्रकाश अग्रवाल का सवाल :
हमारी जमीन पर पड़ोसियों ने दावा कर रखा है. बताते हैं कि हमारे घर के अभिभावक ने जमीन उन्हें लिख दी है. कोई कागजात नहीं मिल रहा है. जबकि पड़ोसी कागज दिखा रहे हैं.
अधिवक्ता की सलाह
: डीड की सर्टिफाइड कॉपी कोर्ट से निकाल लें. उसके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई हो सकती है.
चास-काशीझरिया के राजाराम कोडा का सवाल :
पिता दो भाई हैं. चाचा का कोई वंश नहीं है. गोतिया चाचा की जमीन पर कब्जा जमा रहे हैं. ऐसे में क्या करना होगा.
अधिवक्ता की सलाह :
टाइटल पार्टिशन शूट चास कोर्ट में दाखिल करें. इसके आधार पर आगे की कार्रवाई होगी. जमीन आपको मिल जायेगी.
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