संडे बाजार में विद्रोही कवि नजरुल इस्लाम की जयंती मनी

संडे बाजार में विद्रोही कवि नजरुल इस्लाम की जयंती मनी

गांधीनगर. झारखंड बंगाली एसोसिएशन बेरमो संडे बाजार शाखा की ओर से विद्रोही कवि नजरुल इस्लाम की 125वीं जयंती बुधवार की शाम को भाकपा नेता सुजीत कुमार घोष के आवासीय कार्यालय परिसर में मनायी गयी. लोगों ने उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी. एसोसिएशन के केंद्रीय उप महासचिव सुजीत कुमार घोष ने कहा कि आजादी की लड़ाई में नजरूल इस्लाम के योगदान को भुलाया नहीं जा सकता. इस अवसर पर मंच पर नजरुल की कविताएं और गीत प्रस्तुत की गयी. अमृता बसाक, दीपाली घोष एवं सविता घोष ने जागो हे नारी जागो… निशी निमो घूमो नाही असे… सहित कई गीत प्रस्तुत किये. अभीप्रिय राय ने आलगा करो गो खोपर बधान… गीत गाया. अनीशा बोस ने नृत्य प्रस्तुत किया. मौके पर श्रीधर सरकार, सपन मुखर्जी, असित घोष, सौरभ सुमन, जयंती घोष, श्रावणी सरकार, निशा मुखर्जी, समिता कर, सोनाली दास, रानू घोषाल, नीतू नाग, पंपी बोस, सुप्रिया राय आदि उपस्थित थे.

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