Bokaro News : 2019 में शुरू हुई पुपुनकी राहरगोड़ा जलापूर्ति योजना अभी तक अधूरी

Bokaro News : हर घर नल-जल योजना के तहत 30 हजार की आबादी को मिलना है लाभ

Bokaro News : संतोष कुमार, चास. केंद्र सरकार ने प्रत्येक गांव के सभी घरों तक स्वच्छ जल पहुंचाने के लिए 2019 में जल जीवन मिशन की शुरुआत की थी और 2024 तक योजना को पूर्ण करना था. इसके तहत पूर्व विधायक बिरंची नारायण की अनुशंसा पर बोकारो जिला के चास प्रखंड अंतर्गत छह पंचायतों को स्वच्छ पानी पहुंचाने के उद्देश्य से पुपुनकी राहरगोड़ा जलापूर्ति योजना का कार्य शुरू हुआ था. इस योजना के तहत कालापत्थर, पुपुनकी, नावाडीह, ब्राह्मण द्वारिका, कुम्हरी व बाधाडीह पंचायत के सभी गांवों तक पाइपलाइन से पानी मिलना है. इस योजना से लगभग 30 हजार की आबादी को लाभ मिलेगा. एजेंसी द्वारा कार्य शुरू किया गया और सभी पंचायत में पाइपलाइन का विस्तार कार्य शुरू हुआ. वर्तमान समय में दामोदर नद किनारे प्लांट बनकर लगभग तैयार है. साथ ही कालापत्थर, कुम्हरी, ब्राह्मणद्वारिका और बाधाडीह में पानी टंकी का निर्माण भी हो चुका है, लेकिन पूरे क्षेत्र में पाइपलाइन का विस्तार नहीं होने के कारण लोगों को पानी मिलना शुरू नहीं हुआ है. साथ ही महीनों से कार्य भी बंद है, जिसके कारण योजना अभी तक अधूरी पड़ी है.

छह मुखिया ने संयुक्त रूप से बोकारो उपायुक्त से की शिकायत :

केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना हर घर नल योजना को पूर्ण करा कर सभी घरों तक पानी पहुंचाने की मांग को लेकर छह मुखिया दिनेश कुमार रजक, प्रिया देवी,अमिता ख्वास, सरिता देवी, बनीता देवी व विदेशी रजवार ने संयुक्त रूप से उपायुक्त को लिखित आवेदन दिया है. मुखियाओं ने कहा कि छह वर्ष पहले एजेंसी द्वारा कार्य शुरू किया गया, लेकिन अभी भी योजना अधूरी है. सभी पंचायत में पाइपलाइन का पूरी तरह विस्तार नहीं किया गया है. साथ ही कनेक्शन का कार्य भी पूरा नहीं हुआ है. कहा योजना को 2024 तक पूरा करना था, लेकिन अभी तक अधूरी है. कुछ महीने के बाद गर्मी का मौसम आ जायेगा. गर्मी के पहले अगर पानी मिलना शुरू नहीं हुआ तो लोगों को बहुत परेशानी होगी. अगर एजेंसी कार्य को जल्द से जल्द पूरा नहीं करेगी तो छहों पंचायत की जनता आंदोलन करने को बाध्य होगी.

योजना से लोग होंगे लाभान्वित :

गांव में पारंपरिक रूप से जल का उपयोग होने से पानी की बर्बादी ज्यादा होती है. कुआं और चापाकल पर लोग पानी का दुरुपयोग करते हैं. जरूरत से ज्यादा पानी का उपयोग करते हैं. बोरिंग और चापाकल का अधिक इस्तेमाल से भूमिगत जल का संरक्षण भी नहीं हो पाता है. लगातार घर-घर लोग बोरिंग करा रहे हैं, जिससे भू जलस्तर दिन प्रतिदिन नीचे जा रहा है. हर घर नल योजना ही रूप से शुरू होने से लोगों को लाभ मिलेगा. कई जगह जल स्रोतों की बहुत कमी है, उन गांवों के लोग इस योजना से ज्यादा लाभान्वित होंगे.

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