ऑल इंडिया महिला सांस्कृतिक संगठन चंदनकियारी की ओर से शुक्रवार को महिला अत्याचार व भ्रूण हत्या पर रोक समेत अन्य मांगों को लेकर प्रखंड सह अंचल कार्यालय के सामने धरना प्रदर्शन किया गया. इससे पहले शहीद चौक से जुलूस निकाला. बीडीओ को साथ ही बीडीओ को मांग पत्र सौंपा. इसके माध्यम से शराब बंदी, सामूहिक बलात्कार व हत्याओं के मामलों में दोषियों को फांसी की सजा, डायन के नाम पर उत्पीड़न व हत्या पर रोक, महिलाओं के लिए समान काम के लिए समान वेतन की गारंटी, सोशल मीडिया व फिल्मों आदि में अश्लीलता पर रोक और सेविका, सहिया तथा मिड डे मील कर्मचारी को सरकारी कर्मचारी का दर्जा देने की मांग की गयी.
इन्होंने किया संबोधित
प्रदर्शन के दौरान स्कीम वार्कर फेडरेशन ऑफ इंडिया की झारखंड प्रभारी लिली दास ने कहा कि देश की आजादी के दशकों बाद भी महिलाएं आजाद नहीं हुई हैं. भयावह समाज में इक्का-दुक्का महिलाएं बाहर निकलती हैं तो क्या-क्या घटनाएं व हिंसा होती हैं. नुनीवाला उरांव ने कहा कि मांगों पर सकारात्मक पहल नहीं हुई तो चरणबद्ध आंदोलन किया जायेगा. गीता शर्मा ने कहा कि महिलाओं को सुरक्षा देना सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए. मौके पर किसान नेता जगन्नाथ रजवार, डॉ गोपाल चंद्र महतो, राम लाल महतो, प्रदीप यादव, अनिल बाउरी, राजू रजवार, हाबु लाल महतो, विन्देश्वर महतो, रामू महतो, कमला देवी, अनिता देवी, सुमित्रा महतो, सुमित्रा बाउरी, अमावती देवी, जोबा देवी, सारो देवी, मांदु देवी, रूपा देवी, कल्याणी देवी, संध्या देवी, आरती देवी आदि उपस्थित थे.
