प्रभात खबर आपके द्वार : चास नगर निगम के विस्थापित क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाओं का अभाव

Prabhat Khabar Aapke Dwar: लोगों ने कहा कि कुशलबंधा के ज्यादातर लोग तालाब के मेड़ होते हुए चास और ब्लॉक कार्यालय जाते हैं, लेकिन वर्षों से यह सड़क कच्ची है. कई बार निगम कार्यालय में आवेदन देकर सड़क बनाने की मांग की गयी. टेंडर भी निकला, लेकिन सड़क का निर्माण अभी तक नहीं हुआ. बरसात में आवागमन पूरी तरह बाधित हो जाता है. कुशलबंधा साइड में लगी दर्जनों स्ट्रीट लाइट खराब हो गयी है. निगम की ओर से खराब लाइट का मरम्मत नहीं की जा रही है.

Prabhat Khabar Apke Dwar: बोकारो जिले के चास नगर निगम के चंदनकियारी रोड स्थित विस्थापित चौक में शनिवार को ‘प्रभात खबर आपके द्वार’ का आयोजन किया गया. निगम क्षेत्र के विस्थापित गांव कुशलबंधा, प्रतापपुर, हरला, आसनसोल पत्थरकट्ठा, कुलटाड़ और संगजोरी साइड के दर्जनों लोगों ने भाग लिया. लोगों ने स्ट्रीट लाइट, नाली, सड़क, साफ-सफाई सहित कई अन्य समस्याओं की जानकारी दी. कहा कि बरसात के पानी की निकासी की कोई व्यवस्था नहीं है. दर्जनों गलियों में पानी भर जाता है. डेढ़ माह के बाद बरसात का मौसम शुरू होने हो जायेगा. जल जमाव से लोग परेशान होंगे. निगम प्रशासन सभी मुख्य पथों पर डीप नाली का निर्माण कराये, ताकि बरसात में लोगों को परेशानी ना हो.

कुशलबंधा साइड में किसी को नहीं मिल रहा नि:शुल्क पेयजल का कनेक्शन

कुशलबंधा साइड निवासी काला चांद ठाकुर, सुरेश गोराई, उमेश ठाकुर, अनिल गोराई, गोवर्धन गोराई, प्रहलाद शर्मा, दिलीप, राजू, धीरेन तुरी, सूरज गोराई, शक्ति महतो, मंथन महतो सहित अन्य ने कहा कि निगम क्षेत्र में पानी का कनेक्शन निशुल्क दिया जा रहा, लेकिन वार्ड 34 के कुशलबंधा साइड क्षेत्र में किसी का भी निशुल्क कनेक्शन नहीं हो रहा है. निगम कर्मी द्वारा जलापूर्ति का पाइपलाइन जोड़ने के नाम पर जगह-जगह सड़क खोदी गयी, लेकिन सड़क को समतलीकरण नहीं किया गया, जिससे लोगों को आवागमन करने में बहुत परेशानी होती है.

कुशलबंधा साइड की कच्ची सड़क. फोटो : प्रभात खबर

टेंडर निकला, पर नहीं बनी सड़क

लोगों ने कहा कि कुशलबंधा के ज्यादातर लोग तालाब के मेड़ होते हुए चास और ब्लॉक कार्यालय जाते हैं, लेकिन वर्षों से यह सड़क कच्ची है. कई बार निगम कार्यालय में आवेदन देकर सड़क बनाने की मांग की गयी. टेंडर भी निकला, लेकिन सड़क का निर्माण अभी तक नहीं हुआ. बरसात में आवागमन पूरी तरह बाधित हो जाता है. कुशलबंधा साइड में लगी दर्जनों स्ट्रीट लाइट खराब हो गयी है. निगम की ओर से खराब लाइट का मरम्मत नहीं की जा रही है.

प्रतापपुर साइड मुख्य किनारे लगा जमा कचरा. फोटो : प्रभात खबर

बरसात से पहले बनायी जाये नाली

पत्थरकट्टा साइड निवासी नितेश पांडे, शशि गोराई, रंजीत महतो, राकेश पांडेय, हीरालाल महतो, कृष्णा कुमार सहित अन्य ने कहा कि पूरे पत्थरकट्टा साइड क्षेत्र में कहीं भी नाली का निर्माण नहीं किया गया है. चंदनकियारी मुख्य पथ सहित एक दर्जन गली में नाली निर्माण होना बहुत जरूरी है. पत्थरकट्टा साइड का आधा से ज्यादा क्षेत्र चंदनकियारी मुख्य पथ किनारे बसा हुआ है. बरसात में सड़क का पानी लोगों के घरों पर घुस जाता है. 10 वर्षों से विधायक, सांसद व निगम प्रशासन से नाली निर्माण कराने की मांग कर रहे हैं, लेकिन अभी तक कोई सकारात्मक पहल नहीं की गयी.

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चंदनकियारी मुख्य पथ के किनारे सूखे पेड़ को काटने की जरूरत

लोगों ने कहा कि चंदनकियारी मुख्य पथ के किनारे कई बार सूखे पेड़ गिरने से दुर्घटना हुई है. अभी भी कुछ पेड़ गिरने के कगार पर है, जिसको काटने के लिए कई महीना पहले वन विभाग में आवेदन दिया गया है, पर अब तक कुछ नहीं हुआ. तेज हवा आने पर फिर से पेड़ गिर सकता है, जिससे बड़ी दुर्घटना भी हो सकता है. जब हवा से पेड़ गिरता है तब विभाग सक्रिय होता है. लोगों को आश्वासन दिया जाता है, लेकिन कुछ नहीं होता.

तालाब के जीर्णोद्धार की मांग

पत्थरकट्टा साइड के लोगों ने गांव के तालाब के जीर्णोद्धार करने की मांग की. कहा कि तालाब का जीर्णोद्धार होने से पूजा पाठ, श्राद्धकर्म सहित अन्य कार्यों में लोगों को बहुत सुविधा होगी. निगम द्वारा लगायी गयी आधा से ज्यादा स्ट्रीट लाइट खराब हो गयी है.

सड़क से एक फुट ऊंची बनी दी नाली. फोटो : प्रभात खबर

रसीद नहीं कटने से हो रही परेशानी

मंतोष पाठक, तुलसी रजवार, अमर गोप, भवतारण झा, उमेश रजवार, बादल गोप, धीरेन गोप, सत्यनारायण पाठक सहित अन्य ने कहा कि प्रतापपुर साइड विस्थापित क्षेत्र है, लेकिन इस क्षेत्र के विकास में ना बीएसएल ध्यान दे रहा है, ना ही निगम प्रशासन. बीएसएल को जमीन देने के बाद डीपीएलआर द्वारा हमलोगों को पर्चा दिया गया था, पर पर्चा का रसीद नहीं कट रहा है ना ही निगम से उस पर्चा के जमीन पर नक्शा पास हो रहा है. इस कारण लोगों का घर बनाने में दिक्कत हो रही है. कहा कि डीपीएलआर द्वारा प्राप्त जमीन की रसीद नहीं होने के कारण बैंक से लोन नहीं मिल रहा है. विस्थापित की जमीन को बीएसएल बेच सकता है, लीज पर दे सकता है, लेकिन विस्थापित रैयतों को लोन भी नहीं मिलता है. इस कारण लोगों को बहुत परेशानी होती है.

विस्थापितों ने कहा कि जमीन होते हुए भी हमलोग लोन लेकर अपने बच्चों को पढ़ा नहीं पा रहे है, ना ही कोई व्यवसाय कर सकते है. सभी विस्थापितों को डीपीएलआर से प्राप्त जमीन मालिकाना हक मिलना चाहिए. कहा हमलोगों ने जमीन देकर बीएसएल को बसाया उसके बदले हमलोगों को डीपीएलआर द्वारा जमीन प्राप्त हुआ लेकिन उस जमीन का होल्डिंग टैक्स निगम लेता है जो गलत है. बीएसएल प्रबंधन को होल्डिंग टैक्स देना चाहिए .कहा वर्षों से सेल की ओर से प्रतापपुर साइड सहित अन्य विस्थापित क्षेत्र में सीएसआर के तहत किसी प्रकार का विकास योजना का कार्य नहीं किया जाता है.

लोगों ने कहा कि महीनों तक नाली जाम रहती है. जगह-जगह कचरा का अंबार लगा रहता है. पाठक पथ से महावीर मंदिर तक बनी सड़क जर्जर हो गयी है. इस सड़क का निर्माण 2011 में किया गया था. कहा कि नगर निगम का चुनाव नहीं होने से निगम क्षेत्र में विकास कार्य प्रभावित हो रहा है.

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By Mithilesh Jha

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