बोकारो जिला का चास पेयजल व स्वच्छता प्रमंडल शिकायत निवारण के मामले में प्रदेश में नंबर एक है. प्रमंडल ने 98 प्रतिशत शिकायत का निवारण फौरन किया गया है. जबकि, प्रदेश का औसत 91.33 प्रतिशत है. चास प्रमंडल में 14063 चापाकलों में से 1160 खराब हैं. इनमें से 470 को एसआर यानी विशेष मरम्मति की जरूरत है. 690 आरआरपी में है, यानी इसका पाइप सड़ गया है. इसमें से 454 को स्वीकृति मिली है. मरम्मत के लिए निविदा प्रकाशित की गयी है. वित्तीय वर्ष 2025-26 में 2881 चापाकलों की मरम्मत विभाग की ओर से करायी गयी है. प्रमंडल में मरम्मति के लिए छह मरम्मति गैंग कार्यरत हैं. चास प्रमंडल को चापाकल मरम्मत के लिए 1146 शिकायत मिली. इसमें से 1128 शिकायतों का निवारण कर दिया गया. मात्र 14 केस ही पेंडिंग है. इनमें से एक पेंडिंग केस ऐसा है, जिसका निवारण 30 दिन में नहीं किया गया है. बोकारो जिला के तेनुघाट प्रमंडल में 10104 चापाकल हैं. इसमें से 352 को विशेष मरम्मत की जरूरत है. 600 का पाइप सड़ गया है. इनमें से 345 को स्वीकृति मिली है.
दूसरे स्थान पर है गोड्डा प्रमंडल
चास के बाद गोड्डा प्रमंडल की स्थिति है. यहां 97 प्रतिशत शिकायतों का निवारण किया गया है. गोड्डा में 939 शिकायतों के विरुद्ध 912 का समाधान कर दिया गया है. 96 प्रतिशत शिकायतों के निवारण के साथ तीसरे स्थान पर धनबाद-01, गिरिडीह-02 व खुंटी संयुक्त रूप से हैं. जिला का तेनुघाट प्रमंडल शिकायत निवारण के मामले में राज्य में चौथे स्थान पर है. तेनुघाट प्रमंडल में मिले 437 शिकायतों में से 415 का निवारण कर दिया गया. धनबाद-02 प्रमंडल ने 86 प्रतिशत और गिरिडीह-01 प्रमंडल ने 93 प्रतिशत शिकायतों का निवारण किया है. पेयजल व स्वच्छता प्रमंडल चास के कार्यपालक अभियंता राम प्रवेश राम ने बताया कि पेयजल व्यवस्था को देखते हुए हर प्रखंड में मरम्मति गैंग कार्यरत हैं. शिकायत ऑनलाइन व फोन से प्राप्त होता है, इसके बाद फौरन टीम को भेजा जाता है.
