हेमंत सरकार की पेट्रोल सब्सिडी योजना में बोकारो फिसड्डी, री-रजिस्ट्रेशन के लिए लाखों आवेदन पेंडिंग

Petrol Subsidy Scheme: बोकारो में पेट्रोल सब्सिडी योजना फेल साबित हो रही है. जिला में अब तक कुल 14728 लोगों का आवेदन योजना के तहत स्वीकृत हुआ है. री-रजिस्ट्रेशन के लिए एक लाख से अधिक आवेदन पेंडिंग है.

Bokaro News: पेट्रोल की बढ़ती कीमत से आम लोगों को राहत दिलाने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने जनवरी 2022 से पेट्रोल सब्सिडी योजना की शुरुआत की थी. खाद्य सुरक्षा योजना के दायरे में आने वाले लोगों को बाइक में पेट्रोल भरवाने के लिए हर माह 10 लीटर पेट्रोल के लिए प्रति लीटर 25 रुपया की सब्सिडी देने की योजना थी. लेकिन, यह योजना बोकारो में फेल हो गयी है. कुछ गलतफहमी तो कुछ दौड़-भाग के कारण योजना असफल हो गयी. जनवरी 2022 से नवंबर 2022 तक का आंकड़ा तो यही स्पष्ट कर रहा है.

14728 लोगों का आवेदन स्वीकृत

बोकारो जिला में अब तक कुल 14728 लोगों का आवेदन योजना के तहत स्वीकृत हुआ. जनवरी 2022 में 12297, फरवरी में 2222 व मार्च में 209 लोगों का आवेदन स्वीकृत हुआ. इसके बाद एक भी आवेदन स्वीकार नहीं हुआ. वहीं पुन: पंजीयन का आंकड़ा माह-दर-माह बढ़ता गया. इसी पुन: पंजीयन के कारण योजना फेल हुई. बोकारो जिला में पुन : पंजीयन का कुलांक 117995 है. पुन: पंजीयन के लिए लाभुक को हर माह सीएम सपोर्ट ऐप पर जाकर सब्सिडी के लिए मैसेज भेजना पड़ता है. इसकी मंजूरी विभागीय स्तर से मिलती है.

योजना के तहत 29,540 बार हुआ पेमेंट

जनवरी 2022 से नवंबर 2022 तक जिला में 29,540 बार योजना के तहत पेमेंट लोगों को मिला है. यह आंकड़ा माह दर माह कम हो रहा है. जनवरी में 12,174 बार योजना के तहत पेमेंट हुआ. वहीं फरवरी में 3494, मार्च में 1337, अप्रैल में 2197, मई में 1270, जून में 728, जुलाई में 1727, अगस्त में 1849, सितंबर में 1618, अक्तूबर में 1615 व नवंबर में 1531 लोगों ने योजना का लाभ लिया. कुल 778 लोगों का पेमेंट तकनीकी कारणों से रिजेक्ट किया गया है.

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अफवाह पड़ी योजना पर भारी

योजना की घोषणा के साथ ही अफवाह भी फैली. अफवाह यह की योजना का लाभ लेने से राशन कार्ड रद्द हो जायेगा या फिर अनाज नहीं मिलेगा. इस कारण लोगों ने इस योजना से दूरी बनायी. इस अफवाह पर विराम लगाने के लिए विभाग ने कई कोशिश की. दूसरा कारण यह है कि लाभुकों को योजना का लाभ लेने के लिए हर माह रि-रजिस्ट्रेशन कराना होता है. सपोर्ट एप पर मैसेज करना होता है, साथ ही डीटीओ ऑफिस से भी सत्यापित कराना होता है. लेकिन, लोग ऐसा नहीं करते. इसके अलावा अनिवार्य ड्राइविंग लाइसेंस और आरसी बुक के कारण काफी लोग इस योजना से जुड़ ही नहीं पाये.

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