विश्व आदिवासी दिवस पर पारंपरिक परिधान में दिखे अधिकारी, संस्कृति और विरासत के संरक्षण का संकल्प

विश्व आदिवासी दिवस पर बोकारो में भव्य महोत्सव का आयोजन। अधिकारियों ने पारंपरिक परिधान पहनकर आदिवासी संस्कृति के संरक्षण और सम्मान का संदेश दिया।

विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर कैंप-2 स्थित शिबू सोरेन स्मृति भवन (टाउन हॉल) में बोकारो आदिवासी महोत्सव-2026 का आयोजन किया गया. महोत्सव में आदिवासी समाज की समृद्ध संस्कृति, गौरवशाली परंपरा, कला, लोकगीत और लोकनृत्य की झलक देखने को मिली.

अधिकारियों ने जनजातीय संस्कृति को दिया मान

आयोजन को खास बनाने के लिए जिले के वरीय एवं जिला स्तरीय पदाधिकारी पारंपरिक आदिवासी परिधान में कार्यक्रम में शामिल हुए. पारंपरिक वेशभूषा में अधिकारियों की मौजूदगी ने न केवल कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाई, बल्कि आदिवासी संस्कृति के प्रति सम्मान और अपनत्व का संदेश भी दिया.

महोत्सव के जरिये आदिवासी समाज की सांस्कृतिक विरासत को सम्मान देने के साथ उसके संरक्षण और संवर्धन का संदेश दिया. कार्यक्रम के माध्यम से लोक परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत को नयी पीढ़ी तक पहुंचाने का संदेश दिया गया.

विरासत संरक्षण के लिए सामूहिक दायित्व का बोध

पारंपरिक परिधान में पदाधिकारियों की उपस्थिति लोगों के बीच मुख्य आकर्षण का केंद्र रही. इससे सामाजिक समरसता और विविधता में एकता का संदेश भी सामने आया.

आयोजन में कलाकारों और सांस्कृतिक दलों ने पारंपरिक गीत-संगीत एवं नृत्य की प्रस्तुति से माहौल को जीवंत बनाया. महोत्सव ने यह संदेश दिया कि किसी भी समाज की पहचान उसकी संस्कृति और परंपराओं से होती है और इन्हें संरक्षित रखना सामूहिक जिम्मेदारी है.


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By Dharmanath kumar

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