बोकारो: बरसात के मौसम में नवजात शिशुओं में संक्रमण, सर्दी-जुकाम, निमोनिया व पेट से जुड़ी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। चास अनुमंडल अस्पताल में रोजाना 20 से 25 नवजात शिशुओं का इलाज ओपीडी में किया जा रहा है।
रविवार को ओपीडी में उपस्थित डॉ. रवि शेखर व डॉ. विकास कुमार ने कहा कि बरसात के मौसम में नवजात की विशेष देखभाल जरूरी है। छह महीने से छोटे बच्चे को अलग से पानी देने से बचें, क्योंकि दूषित पानी से संक्रमण का खतरा रहता है। शिशु को छूने या दूध पिलाने से पहले साबुन व पानी से हाथ अच्छी तरह धोना जरूरी है। बच्चे को हमेशा सूखे व सूती कपड़े ही पहनायें। डेंगू व मलेरिया से बचाव के लिए मच्छरदानी का प्रयोग करें। समय पर टीकाकरण करायें।
यदि शिशु को तेज बुखार हो, सांस लेने में तकलीफ हो या वह अत्यधिक सुस्त दिखे, तो तुरंत बाल रोग विशेषज्ञ से संपर्क करें।
