बोकारो जिले के चंद्रपुरा व नावाडीह प्रखंड के सीमा क्षेत्र में बसा राजस्व गांव नसिया दो प्रखंडों के सीमांकन के पेच में 15 वर्षों से फंसा हुआ है. इसके कारण इस गांव के 40-50 घरों के 250 से अधिक की आबादी को सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है. इस गांव को पंचायती राज के तहत होने वाले विकास कार्यों से वंचित रहना पड़ रहा है. पंचायत चुनाव के बाद वर्ष 2010 से 13वें, 14वें तथा 15वें वित्त आयोग के तहत गांव में कोई विकास कार्य नहीं किया जा सका है. यह गांव नावाडीह प्रखंड अंतर्गत चपरी पंचायत के वार्ड संख्या 12 के गालोडीह गांव का एक पार्ट है. नसिया के ग्रामीण अपनी समस्या को लेकर मुख्यमंत्री और बोकारो उपायुक्त को पत्र प्रेषित कर चुके हैं.
घर चंद्रपुरा अंचल क्षेत्र में, लेकिन प्रमाण पत्रों में अंकित है नावाडीह
नसिया के ग्रामीणों के राशन कार्ड, आधार कार्ड, मतदाता पहचान पत्र और शैक्षणिक प्रमाण पत्रों में नावाडीह प्रखंड के चपरी पंचायत के राजस्व ग्राम गालोडीह, टोला नसिया अंकित है. लेकिन जमीन संबंधित खतियान, रसीद, पट्टा में मौजा नसिया अंकित है. नसिया भू-राजस्व विभाग के दस्तावेज में चंद्रपुरा अंचल से जुड़ा है. चंद्रपुरा प्रखंड के सृजन के बाद नसिया मौजा का भू-राजस्व चंद्रपुरा अंचल के अधीन हो गया है. खतियान व जमीन के लगान रसीद में नसिया मौजा अंकित है. यहां के रैयतों को पीएम आवास, आय, आवासीय, जाति प्रमाण पत्र निर्गत नहीं हो रहा है. यहां के लोग इन कार्यों के लिए कभी नावाडीह, तो कभी चंद्रपुरा प्रखंड कार्यालय की दौड़ लगाते है. लेकिन कहीं से काम नहीं हो रहा है.
चंद्रपुरा प्रखंड के सृजन के पहले नावाडीह में था यह गांव
चंद्रपुरा प्रखंड के सृजन से पूर्व नसिया नावाडीह प्रखंड के चपरी पंचायत के वार्ड संख्या 12 में था. लेकिन 10 नवंबर 2008 को चंद्रपुरा प्रखंड के सृजन के बाद नावाडीह व चंद्रपुरा प्रखंड का परिसीमन के दौरान नसिया मौजा को चंद्रपुरा अंचल के अधीन कर दिया गया. बाद में चंद्रपुरा व नावाडीह प्रखंड के परिसीमन के पेच में यह गांव फंस गया है. अब ना तो चपरी पंचायत से इस गांव को सरकारी लाभ मिल रहा है और ना ही समीप के बंदियो पंचायत में ही इसे समाहित किया जा रहा है. दोनों पंचायतें इसे अधिकृत रूप से अपना हिस्सा मानने से इंकार रही है.
पंचायत प्रतिनिधियों ने कहा
चपरी की मुखिया आरती कुमारी ने कहा कि आधार कार्ड व वोटर कार्ड में वर्तमान पता में बदलाव संभव है, लेकिन भू-राजस्व में बदलाव नहीं संभव है. नसिया को चंद्रपुरा प्रखंड में समाहित करने से विकास कार्यों में कोई परेशानी नहीं होगी. क्योंकि भूमि चंद्रपुरा अंचल के अधीन है. आधार कार्ड में बदलाव के बाद चंद्रपुरा अंचल से आय, जाति, आवासीय, भूमि सत्यापन आदि संभव है. उप मुखिया मो इरशाद आलम ने कहा कि चंद्रपुरा प्रखंड के सृजन से पूर्व यह गांव नावाडीह प्रखंड में था. सृजन के बाद यह सीमावर्ती क्षेत्र बन गया है. दो पार्ट में गांव हो गया है. नसिया मौजा का अंश पूर्ण रूप से नावाडीह में शामिल कर दिया जाये. पूर्व की तरह सारा कार्य नावाडीह से ही हो. पूर्व मुखिया गौरीशंकर महतो ने कहा कि चंद्रपुरा प्रखंड के बंदियो पंचायत के अधीन नसिया मौजा का राजस्व गांव नसिया है. चंद्रपुरा प्रखंड के सृजन के पूर्व बंदियो पंचायत नावाडीह में ही थी. लेकिन नावाडीह की नौ पंचायतों के चंद्रपुरा में शामिल किये जाने के बाद इस गांव को नियमानुसार बंदियो पंचायत के ही अधीन होना चाहिए था. सरकारी लाभ भी चंद्रपुरा के बंदियो पंचायत से मिलना चाहिए. चंद्रपुरा के पूर्व उप प्रमुख अनिल महतो ने कहा कि चंद्रपुरा प्रखंड अंतर्गत बंदियो पंचायत में नसिया राजस्व ग्राम है. नसिया का एक पार्ट बाहर है. इससे ग्रामीण सरकारी लाभ से वंचित हैं. चंद्रपुरा प्रखंड पंचायत समिति की बैठक में प्रस्ताव पारित कर नसिया गांव के पूरे भाग को चंद्रपुरा प्रखंड में शामिल करने की मांग की गयी थी. लेकिन इस पर अभी तक कोई पहल नहीं हुई है.
