Bokaro News : छाई प्रदूषण रोकने के लिए लगेंगी फॉग केनन मशीनें
Bokaro News : ऐश पौंड से उड़ने वाली छाई को रोकने के लिए फॉग केनन मशीनें लगायी जायेंगी.
By JANAK SINGH CHOUDHARY | Updated at :
सीटीपीएस प्रबंधन के ऐश पौंड से गर्मी के दिनों में उड़ने वाली छाई को रोकने के लिए फॉग केनन मशीनें लगायी जायेंगी. इसके लिए प्रबंधन ने आठ मशीनें खरीदी हैं. छाई उड़ने पर इन मशीनों से पानी का फव्वारा देकर उसे नियंत्रित किया जायेगा. प्रबंधन के अनुसार तीन मशीनें ऐश पौंड के वजन घर व उसके आसपास के एरिया में, दो मशीनें साइलो प्वाइंट व प्लांट के सीएचपी एरिया में रहेगी. एक मशीन पावर प्लांट के मेन गेट में लगायी गयी है. इधर ऐश पौंड के कांटा घर में लगायी गयी मशीन का ट्रायल किया जा रहा है. इलेक्ट्रिकल विभाग ने सोमवार को उस मशीन में बिजली का कनेक्शन कर दिया. सिविल विभाग ने पहले ही पानी का कनेक्शन कर दिया है.
स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐश पौंड में जमा छाई गर्मी के दिनों में ज्यादा उड़ती है और इससे प्रदूषण होता है. पौंड के बगल में स्थित केंद्रीय विद्यालय, प्रशिक्षण संस्थान व सीआइएसएफ यूनिट एरिया हमेशा इसकी चपेट में रहता है. वर्तमान समय में ऐश पौंड में करीब 30 लाख एमटी छाई जमा है. प्लांट के परियोजना प्रधान आरके अनुभवी ने कहा कि प्रदूषण रोकने के लिए प्रबंधन ने कई उपाय कर रखे हैं.
सीटीपीएस पर 7.42 लाख रुपया का जुर्माना
झारखंड विधानसभा में जमशेदपुर पश्चिमी विधायक सरयू राय द्वारा डीवीसी चंद्रपुरा और बोकारो थर्मल प्रबंधन द्वारा दामोदर व कोनार नदी में प्रदूषण और अतिक्रमण को लेकर पूछे गये सवालों पर राज्य सरकार के वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग की ओर से अवर सचिव सुनील कुमार ने 23 फरवरी को जवाब दिया है. इसमें कहा कि चंद्रपुरा थर्मल पावर प्लांट ने नियमों का उल्लंघन किया है. ऐश पौंड के विस्तार के दौरान दामोदर नदी के बहाव क्षेत्र (उच्चतम बाढ़ स्तर के अंदर) में अवैध रूप से पक्की कंक्रीट की दीवार का निर्माण किया है. राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद ने 29 जनवरी को स्थल का निरीक्षण किया था. नियमों की अनदेखी पर सरकार ने प्रबंधन को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है. जुर्माना भी लगाया गया है. सचिव ने कहा कि प्रदूषण नियंत्रण पर्षद ने 12 फरवरी को बोकारो थर्मल प्लांट का विशेष निरीक्षण किया था. इस दौरान इकाई का कोई भी प्रदूषित बहाव कोनार नदी में नहीं पाया गया. विधायक ने दिये गये जवाब पर मंगलवार को सदन में दुबारा सवाल करते हुए स्थिति स्पष्ट करने का आग्रह किया. इस पर मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने कहा कि चंद्रपुरा थर्मल प्रबंधन पर सात लाख 42 हजार रुपया का जुर्माना लगाया गया है. सीटीओ के विचलन पर कार्रवाई की गयी है. इसके अलावा दंडात्मक कार्रवाई भी की जायेगी. विभाग जांच कमेटी को इंगित करता है कि प्रत्येक महीने जांच कर इसकी रिपोर्ट सौंपेगी.