Jharkhand News: यहां कचरे को साफ नहीं किया जाता, लगा देते हैं आग

Jharkhand News: बोकारो जिले के चास नगर निगम के में ऐसे भी इलाके हैं, जहां कचरा डंप किया जाता है. फिर कचरे को साफ करने की बजाय उसमें आग लगा देते हैं. इसकी वजह से लोग किस कदर परेशान हैं, यहां पढ़ें.

Jharkhand News: चास नगर निगम के वार्ड नंबर 8 और 9 मुस्लिम बहुल क्षेत्र हैं. दोनों वार्ड मिलाकर लगभग एक दर्जन मुस्लिम मुहल्ले हैं. निगम क्षेत्र में बसे होने के बावजूद मुहल्ले के लोग विभिन्न समस्याओं से जूझ रहे हैं. सफाई, पेयजल, सड़क, नाली और बिजली की परेशानी बनी रहती है. गुरुवार को चास अंसार नगर स्थित नूरी मस्जिद के पास ‘प्रभात खबर पाठक संवाद’ का आयोजन किया गया. इसमें वार्ड 8 के सुल्तान नगर, बड़ा इमामबाड़ा रोड, कर्बला रोड, आजाद नगर और वार्ड 9 के अंसारनगर, हाजीनगर, अंसारी मुहल्ले और चास से चीराचास को जोड़ने वाले मुख्य पथ पर रहने वाले लोग शामिल हुए. लोगों ने पिछले डेढ़ दशक से हो रही विभिन्न समस्याओं के बारे में विस्तार से बताया.

सांस लेने में होती है तकलीफ

अब्दुल वाहिद, साजिद अंसारी, अब्दुल खालिद, जमील शेख, आफताब, टिंकू, शाकिब हुसैन, राजा बाबू अंसारी, मुमताज खान, जावेद हुसैन सहित अन्य ने कहा कि निगम की ओर से नूरी मस्जिद के समीप और अन्य जगहों पर कॉलोनी और नाली का कचरा उठाकर डंप किया जाता है. डंप किये हुए कचरे को अन्यत्र लेकर जाने की बजाय उसमें आग लगा दी जाती है. कई बार स्थानीय लोगों ने कचरे को जलाने से मना लिया, लेकिन कोई सुनता ही नहीं. प्लास्टिक के जलने से उसका धुआं मुहल्ले में फैल जाता है. कचरा जलने के दौरान लोगों को सांस लेने में तकलीफ होती है. निगम प्रशासन को इस संबंध में जरूरी दिशा-निर्देश देने की जरूरत है.

प्रभात खबर पाठक संवाद में जुटे वार्ड 8 और वार्ड 9 के लोग. फोटो : प्रभात खबर

पाइपलाइन का विस्तार हुआ, सप्लाई का पानी नसीब नहीं

संवाद के दौरान वार्ड 9 के मो इमरान, टीए खान, अब्दुल समद, शमीम अंसारी, समीर अंसारी और वार्ड 8 निवासी इश्तियाक आलम, आफताब आलम, टिंकू अहमद रजा, मो शहनवाज सहित अन्य ने कहा कि दोनों वार्ड की मुख्य समस्या पेयजल और सफाई है. वर्षों पहले जलापूर्ति के लिए पाइपलाइन का विस्तार तो हुआ, लेकिन अभी तक हमलोगों को सप्लाई का पानी नसीब नहीं हुआ.

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लोगों ने कहा कि चास क्षेत्र में कई नयी कॉलोनी में पानी पहुंच गया, लेकिन हमलोगों को पानी नहीं मिला. लोगों को सिर्फ पानी का कनेक्शन ही मिला, कई लोगों ने अपना कनेक्शन कटवा लिया है. पेयजल के लिए कई बार निगम कार्यालय को लिखित आवेदन दिया, लेकिन अभी तक सिर्फ आश्वासन ही मिला है. जलापूर्ति योजना फेज-2 मार्च 2023 तक पूरा करना था, लेकिन अब तक इसे पूरा नहीं किया गया. अब अधिकारी मार्च 2025 तक काम पूरा करने का भरोसा दिला रहे हैं. निगम प्रशासन को इस गंभीर समस्या पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है.

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तार जर्जर, स्ट्रीट लाइट खराब

लोगों ने कहा कि कई जगह बिजली के तार जर्जर हो गये हैं. तार अचानक टूटकर गिर जाते हैं. बिजली विभाग ने कई मुहल्ले में केबल वायर लगाया है, वो भी कामयाब नहीं है. उसमें आग लग जाती है. ज्यादातर स्ट्रीट लाइट भी खराब हो गयी है. शिकायत करने के बाद भी मरम्मती नहीं करायी जाती है.

अंसार नगर में कच्ची सड़क और टूटी नाली. फोटो : प्रभात खबर

कई सड़क है कच्ची, टूट गयी है नाली

संवाद के दौरान सानू साकिब, मो राजन, साकिर हुसैन, असलम खान, मो आरिफ, साजिद आलम, मो इरशाद, अरमान खान, सरवर आलम, छोटू आलम सहित अन्य ने कहा कि अंसार नगर सहित अन्य कई गली में अभी तक पक्की सड़क नहीं बनी है. कई सड़क और नाली टूटकर जर्जर हो चुकी है. नाली कचरा से जाम है और नाली का पानी सड़क पर बह रहा है. इस कारण लोगों को आवागमन में परेशानी होती है. बार-बार बोलने पर भी सफाईकर्मी नहीं आते. सिर्फ चास से चीराचास को जोड़ने वाले मुख्य पथ की सफाई होती है. कॉलोनी के अंदर कब सफाई हुई है, हमलोगों को याद नहीं. जब तक चुनाव नहीं होगा, हमलोगों की समस्या सुनने वाला कोई नहीं है. पूरे क्षेत्र में मच्छर का प्रकोप बढ़ गया है, लेकिन निगम नियमित फॉगिंग नहीं कराता. कई जगह नाली बनी हुई है, लेकिन नाली के ऊपर ढक्कन नहीं लगाया गया है, जिसकी वजह से रात के अंधेरे में लोग नाली में गिर जाते हैं.

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By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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