नावाडीह, चंद्रपुरा और बेरमो प्रखंड के झारखंड आंदोलनकारियों को शनिवार को प्रशासन की ओर से समारोह का आयोजन कर सम्मानित किया गया. चंद्रपुरा प्रखंड कार्यालय के सभागार में हुए समारोह का उद्घाटन बेरमो विधायक कुमार जयमंगल, प्रखंड प्रमुख चांदनी परवीन, बीडीओ ईश्वर दयाल महतो, जिप सदस्य संतोष कुमार पांडेय व नीतू सिंह ने किया. विधायक ने 38 झारखंड आंदोलनकारियों को माला पहनायी और प्रतीक चिह्न व प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया. विधायक ने अपने कहा कि झारखंड अलग राज्य बनाने में आंदोलनकारियों ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभायी है. हेमंत सोरेन की सरकार उन्हें सम्मान दे रही है. झारखंड के सर्वांगीण विकास के लिए सामूहिक प्रयास की जरूरत है. मौके पर विधायक प्रतिनिधि प्रभु दयाल सिंह, बीस सूत्री अध्यक्ष रूपलाल गोप, सांसद प्रतिनिधि मिथिलेश महतो, विधायक प्रतिनिधि टेकलाल महतो सहित मंटू महथा, रोशन सिंह, मो सलीम, मो सनाउल्लाह, उमेश शर्मा, श्रवण सिंह, उत्तम सिंह, शेखर देव, खुर्शीद आलम, मुख्तार हबीबी, शंभु प्रसाद वर्णवाल, मो समीद, मुख्तार हबीबी, मिलन चौधरी, सीताराम मांझी, गोपाल महतो, करम महतो, सुनील कुमार टुडू, विजय मांझी, शिवचरण महतो आदि थे. समारोह का संचालन बीपीओ दीपक कुमार महतो ने किया.
बेरमो प्रखंड कार्यालय के सभाकक्ष में बेरमो विधायक कुमार जयमंगल और बीडीओ मुकेश कुमार ने प्रखंड के 19 झारखंड आंदोलनकारियों को प्रशस्ति पत्र, प्रतीक चिह्न देकर तथा शॉल व माला पहना कर सम्मानित किया. इसमें नारायण महतो, बुल मोहम्मद, गोविंद यादव, रेखा देवी, मुस्तरी खातून, मोतीलाल बेसरा, दिनाराम मुर्मू, सेवा महतो, राम किशुन महतो, अब्दुल समद, मो शाहजहां, मो तैयब, अब्दुल अहमद, हेमंत लाल प्रजापति, महाबीर बास्के, जोधन बास्के, किशुन लाल बेसरा, मणिराम मांझी, हीरा हाड़ी शामिल हैं. विधायक ने कहा कि झारखंड आंदोलन केवल एक भू-भाग की मांग नहीं थी. बल्कि यह आदिवासी संस्कृति और उनकी पहचान को बचाने की लड़ाई थी. झारखंड का निर्माण किसी एक जाति के लिए नहीं, बल्कि पूरे समाज के न्याय के लिए हुआ था. बीडीओ ने कहा कि झारखंड आंदोलनकारियों के आदर्शों का सम्मान करते हुए उनके बताये मार्ग पर चलने की प्रेरणा लेनी चाहिए. मौके पर सांसद प्रतिनिधि, विधायक प्रतिनिधि उत्तम सिंह, कांग्रेस प्रखंड अध्यक्ष छेदी नोनिया, झामुमो नगर अध्यक्ष दीपक महतो, प्रदीप यादव, सुनील कुमार, प्रकाश कुमार, उत्तम दास, श्रीपति महतो, प्रतीक कुमार सिंह, पुनय विनय खलको, श्याम बिहारी रजक, राजीव रंजन, अनामिका कुमारी, उपेल कुमारी, सजिता कुमारी, सुबोध प्रजापति, गौरव सिन्हा, रेखा कुमारी, मुक्ति कुमारी सहित प्रखंड, अंचल कर्मी एवं झारखंड आंदोलनकारी व उनके परिजन मौजूद थे.15 हजार रुपया पेंशन व निशुल्क स्वास्थ्य सुविधा देने की मांग
नावाडीह प्रखंड के बहुउद्देशीय भवन में हुए कार्यक्रम में 74 झारखंड आंदोलनकारियों व उनके परिजनों को प्रशस्ति पत्र व मोमेंटो देकर डुमरी विधायक जयराम कुमार महतो, प्रमुख पुनम देवी, उप प्रमुख हरिलाल महतो व बीस सूत्री अध्यक्ष वृजलाल हांसदा ने सम्मानित किया. विधायक ने कहा कि झारखंड राज्य का गठन आंदोलनकारियों के संघर्ष, त्याग और बलिदान का परिणाम है, जिसे कभी भुलाया नहीं जा सकता. परंतु आज अलग राज्य बनने के 25 वर्ष बाद आंदोलनकारियों को सिर्फ प्रमाण पत्र व मोमेंटो दिया जा रहा है. राज्य सरकार आंदोलनकारियों को 15 हजार रुपया प्रतिमाह पेंशन व निशुल्क स्वास्थ्य सुविधा दे, तभी सम्मान कह सकेंगे. आंदोलनकारियों की देन है कि हेमंत सोरेन राज्य के मुख्यमंत्री है, वरना सिर्फ बरहेट के विधायक रहते. जब तक आंदोलनकारियों को उचित सम्मान नहीं मिलेगा सड़क से सदन तक आवाज बुलंद करता रहूंगा. मौके पर बीडीओ प्रशांत कुमार हेंब्रम, सीओ अभिषेक कुमार, जेएसएस दामोदर स्वरूप, नामिता कुमारी, मुकेश कुमार, सांसद प्रतिनिधि सुरेश कुमार महतो, विधायक प्रतिनिधि गणेश प्रसाद महतो, संदीप झारखंडी सहित आंदोलनकारी गौरीशंकर महतो, गणेश महतो, गुरु प्रसाद पटेल, दुखनी देवी, घनश्याम महतो, बालेश्वर महतो आदि मौजूद थे.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
