Bokaro News : जैनामोड़-फुसरो सड़क जर्जर, लोग परेशान

Bokaro News : जैनामोड़-फुसरो मुख्य सड़क जर्जर हो गयी है. हालत इतनी खराब हो गयी है कि 15 मिनट के सफर में घंटों लग रहा है.

राकेश वर्मा, बेरमो बेरमो विधान सभा क्षेत्र की लाइफ लाइन कही जाने वाली जैनामोड़-फुसरो मुख्य सड़क जर्जर हो गयी है. हालत इतनी खराब हो गयी है कि 15 मिनट के सफर में घंटों लग रहा है. सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे बन गये हैं. बारिश के इस मौसम में ये तालाब का रूप ले लेते हैं. एक गड्ढे से निकले नहीं कि दूसरा गड्ढा सामने आ जाता है. हिचकोले खाते हुए वाहनों से सफर करना कष्टदायक हो गया है. सबसे कष्टदायक स्थिति मरीजों को बोकारो या रांची के अस्पताल ले जाने में होती है.

जर्जर सड़क के कारण कई मरीजों की हालत खराब हो जाती है. प्रतिदिन दर्जनों एंबुलेंस मरीज को लेकर इस मार्ग से होकर बोकारो व रांची जाते हैं. इसके अलावा इस सड़क पर रोजाना सैकड़ाें वाहनों का आवागमन होता है. कई बड़े अधिकारी, मंत्री, सांसद, विधायक का भी आवागमन होता है. लेकिन इस सड़क के हाल पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है. कभी-कभार साल के मार्च माह में बिल निकासी को लेकर सड़क की थोड़ी बहुत मरम्मत करा दी जाती है. इसमें गुणवत्ता का कोई ख्याल नहीं रखा जाता है. जर्जर सड़क के कारण दुर्घटनाएं भी होती रहती हैं. दो साल में डेढ़ दर्जन से अधिक लोगों की जान गयी है. इस मार्ग में प्रदूषण की समस्या भी विकराल हो गयी है. यह सड़क बेरमो, गिरिडीह और संथाल के लोगों के लिए काफी महत्वपूर्ण है. लोगों का कहना है कि उनका जीवन तबाह हो चुका है, एक बार बड़े लोग भी इस राह को महसूस करें, तो उन्हें भी दर्द समझ में आये. व्यवसायी भी हैं परेशान : सड़क के कारण इस सड़क पर पड़ने वाले बाजार में सामान लाना भी व्यवसायियों के लिए चैलेंज है. इस वजह से उनकी दुकानदारी भी ठीक से नहीं चल पा रही है. वो लोग भी परेशान हैं. उनका कहना है कि यही स्थिति रही तो उनकी दुकानदारी मारी जायेगी.

छाई व कोयले की ओवरलोडेड ट्रांसपोर्टिंग है कारण

इस सड़क का यह हाल पिछले एक-दो साल से हो रही छाई व कोयले की ओवरलोड ट्रांसपोर्टिंग के कारण हुआ है. बड़े-बड़े वाहनों से ओवरलोड छाई बोकारो थर्मल से इसी मार्ग से होकर जैनामोड़ के आगे सिक्स लेन सड़क निर्माण के अलावा कई सीमेंट फैक्ट्रियों में ले जायी जाती हैं. वहीं, सीसीएल की एकेके और कारो परियोजना से होने वाली काेयले की ट्रांसपोर्टिंग इसी मार्ग से होकर होती है और इसमें सैकड़ों हाइवा लगे हैं. फुसरो-जैनामोड़ मुख्य सड़क के बीच तुपकाडीह पुल से होकर बोकारो प्लांट से कचड़ा लेकर हाइवा भी इसी मार्ग से होकर चलते हैं.

सालों से लोग सुन रहे फोरलेन बनने की कहानी

क्षेत्र के लोगों का कहना है कि कई साल से सुन रहे हैं कि जैनामोड़ से डुमरी वाया फुसरो तक सड़क को नये सिरे से फोरलेन बनाया जायेगा. जैनामोड़ से डुमरी के वर्तमान रूट की स्थिति सुधारने को लेकर भी विभाग कदम उठा रहा है. जैनामोड़ से फुसरो तक सड़क की मरम्मत की जायेगी. बताया जाता है कि बेरमो विधायक कुमार जयमंगल ने इस संबंध में विभाग को पत्र लिखा था. इस पर एक टीम गठित हुई. विभाग की ओर से बताया गया कि 12 सितंबर 2023 को जैनामोड़-डुमरी वाया फुसरो पथ के फोरलेन निर्माण कार्य को तकनीकी स्वीकृति प्रदान की गयी है, पर कुछ नहीं हुआ. इससे पहले भी 2018 में सड़क को फोरलेन बनाने की दिशा में पहल हुई थी. उस समय पथ निर्माण विभाग ने फोरलेन वर्तमान रूट में ही बनाने की बात कही थी, लेकिन फंड की कमी का हवाला देकर बात आगे नहीं बढ़ी थी. लोगों का कहना है कि यह कहानी लगातार जारी है.

गिरिडीह-देवघर-संथाल के लिए भी है लाइफ लाइन

यह सड़क गिरिडीह और देवघर के लिए भी लाइफलाइन है. इस सावन हजारों कांवरियां इस सड़क से बाबाधाम गये होंगे. उनकी सफर भोलेदानी की ही कृपा से पूरी हुई होगी. सनद रहे इस मार्ग से होकर संथाल के लिए लोग रोज आते जाते हैं. गिरिडीह के लोगों के लिए भी यह सड़क है, पर अब लोग इससे जाने से परहेज करने लगे हैं.

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